संस, लुधियाना: वेद निकेतन धाम पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा करवाया जा रहा 42वां संत सम्मेलन श्री रामलीला दरेसी मैदान से आरंभ हो गया। सम्मेलन में देश भर के संत अपनी वाणी से श्रद्धालुओं को अभिभूत करेंगे। महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती ने महानगर की नगरी में संतों का आना व ज्ञान की गंगा बहाना सभी के लिए परोपकार व हितकारी है। संत के सानिध्य में अगर भक्त सच्चे मन से श्रवण करता है, तो प्रभु उसकी मनोकामनाएं पूर्ण करते है। इस दौरान संतजनों में योगी भास्कर नाथ म., दिल्ली से करुणा गिरी, स्वामी जगतराम, स्वामी विवेक निष्काम, स्वामी कृष्णानंद म., स्वामी इंदु गिरि वृंदावन, आगरा हरि योगी महाराज, स्वामी विविधा आनंद पधारे चुके है। स्वामी जगत राम, स्वामी कृष्णानंद ने प्रभु की आध्यात्मिक लीलाओं का रसपान कराते हुए कहा कि सत्संग में आकर इसका सच्चे मन से श्रवण कर मोक्ष का भागी बने।

स्वामी विवेक निष्काम, स्वामी इंद्रु गिरि ने कहा कि संत सम्मेलन में ज्ञान की गंगा बहती है, इसका अधिक से अधिक लोगों को लाभ उठाना चाहिए। हरि योगी व स्वामी विविधानंद ने कहा कि आधुनिक युग में सत्संग का विशेष महत्व है। भजनों से किया भक्तों को मंत्र मुग्ध

स्वामी विविधानंद ने कहा कि इंसान अपने आपको भूल रहा है, सत्संग ही एक ऐसा माध्यम है, जिसका सभी अनुसरण कर प्रभु की प्राप्ति कर सकते हैं। इस दौरान साध्वी चैतन्या भारती, साध्वी सुगीता भारती, साध्वी श्रेया, साध्वी सुकीर्ति भारती, साध्वी गुरु प्रिया भारती और साध्वी सुमेधा भारती ने भजनों के माध्यम से आए भक्तों को मंत्र मुग्ध कर दिया।

Posted By: Jagran

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