जासं, लुधियाना : फिरोजपुर रोड स्थित मेडी-वे अस्पताल की तीसरी मंजिल में वीरवार शाम धमाके के बाद आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तीसरी मंजिल को चपेट में ले लिया। इससे अस्पताल की अन्य मंजिलों में धुआं फैल गया। हादसे के समय अस्पताल में कुल 22 मरीज थे। उन्हें अस्पताल स्टाफ, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से लाइफ सेविंग एंबुलेंसों में डालकर अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। अंदर पाइप पहुंचाने के लिए टीम को इमारत की तीसरी मंजिल पर सामने की तरफ लगे शीशे तोड़ने पड़े।

उससे पहले स्टाफ ने आग बुझाने के लिए अस्पताल में जगह-जगह लगे करीब 50 अग्निशमन उपकरणों का इस्तेमाल किया। फायर ब्रिगेड टीम के आने से पहले अस्पताल में लगे हॉज पाइप का भी आग बुझाने के लिए उपयोग किया गया।

घटना वीरवार शाम करीब 5 बजे की है। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित स्टोर रूम में अचानक शार्ट सर्किट के बाद हुए धमाके के बाद आग लग गई। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज सुनकर ऐसा लगा जैसे कोई सिलेंडर फटा हो। पर अस्पताल प्रबंधकों द्वारा सिलेंडर फटने की बात से इंकार किया गया। चार मंजिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्टोर रूम है जिसमें नए बेड समेत अन्य सामान पड़ा है। दूसरी मंजिल में आइसीयू और पहली मंजिल में वार्ड है। अस्पताल में कोई इमरजेंसी गेट ही नहीं, मरीजों को निकालने में हुई परेशानी

अस्पताल में उपचाराधीन 22 मरीजों को डीएमसी, ग्लोबल, और दीप अस्पताल रेफर किया गया। हैरत की बात है कि अस्पताल में कोई इमरजेंसी गेट ही नहीं है। इस कारण मरीजों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत हुई। पूरे अस्पताल में धुआं फैलने के कारण उसे खाली कराया गया। उस दौरान धुआं व आंच लगने से सिक्योरिटी गार्ड अमरजीत की हालत खराब हो गई। मामले की सूचना मिलने पर थाना पीएयू के इंस्पेक्टर बृज मोहन ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल में फंसे लोगों को बाहर निकाला।

Posted By: Jagran