संस, श्री माछीवाड़ा साहिब

केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को धान और गेहूं की फसल की सीधी अदायगी करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी जिसके चलते पंजाब का आढ़ती वर्ग खुद को अलग-थलग महसूस कर रहा था। लेकिन अब आढ़ती ही किसानों को आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रास सेटेलमेंट) के माध्यम से फसलों की अदायगी करेंगे।

आढ़ती ऐसो. पंजाब के प्रधान विजय कालरा ने पत्रकारों से कहा कि 2013 से आढ़ती ही किसानों को फसल की अदायगी चेक से कर रहे थे। तीन महीने पहले केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया था कि किसानों को फसल की रकम सीधी उनके खातों में दी जाए। इससे आढ़तियों को किसानों को दिया गया पैसा फंसने का डर सताने लगा था। आढ़ती एसोसिएशन यह मुद्दा पंजाब सरकार के ध्यान में लायी। इसके बाद पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से सीधी अदायगी की प्रक्रिया शुरू करने में कुछ समय और मांगा।

कालरा ने बताया कि पंजाब के फूड सप्लाई सचिव केपी सिन्हा के साथ ऐसो. की मीटिंग हुई, जिसमें सिन्हा ने बताया कि केंद्र सरकार के अनुसार आढ़तियों के खातों में फसल की रकम, उनका कमीशन, मजदूरी, सिलाई की रकम दी जाएगी। लेकिन आढ़ती किसानों को फसल की अदायगी आरटीजीएस से करेंगे।

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ढाई प्रतिशत मिलता है कमीशन

पंजाब में 13 लाख किसान अपनी धान व गेहूं की फसल मंडियों में बेचते हैं और करीब 26 हजार आढ़ती मंडियों में हैं। किसान फसल आढ़तियों के माध्यम से सरकार को बचते हैं। जिसके बदले में आढ़ती को ढाई प्रतिशत कमीशन भी मिलता है और सरकार फसल की रकम भी आढ़तियों के खातों में डालती है और आढ़ती किसानों को रकम अदा करते हैं।

किसान सीधे सरकार से भी ले सकते हैं रकम

सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार की हिदायतों के अनुसार यदि कोई किसान अपनी फसल की अदायगी आढ़तियों से नहीं लेना चाहता तो वह सरकार से सीधी अदायगी ले सकता है। इसके लिये किसान को मंडी मार्केट कमेटी दफ्तर में जाकर सूचना देनी होगी और उसकी फसल की बनती अदायगी सीधी उसके खाते में आ जाएगी।

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