जासं, लुधियाना : दिसंबर 2017 में व्यापार आकड़ों पर प्रतिक्त्रिया करते हुए फियो के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने कहा कि अक्टूबर 2017 में गिरावट के बाद लगातार दूसरे महीने की सकारात्मक वृद्धि से भारतीय निर्यात के लचीलेपन का पता चलता है। फियो प्रमुख ने कहा कि हमने पहले 9 महीनों में 224 अरब डॉलर का निर्यात कर लिया है और 2018 में वैश्रि्वक व्यापार वृद्धि मजबूत रही है, इसलिए हम वित्त वर्ष 2017-18 में 300 अरब डालर के आकड़ों को प्राप्त कर सकते हैं। हालाकि उन्होंने बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता जताते हुए कहा कि यह खतरनाक है और आयात का विश्लेषण करने की जरूरत है ताकि यह पता चल सके कि आयात से घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी हो रही है या एक चुनौती बनकर उभर रहा है। सोने और कीमती धातु के बढ़ते आयात से अगले कुछ महीनों में रत्‍‌न और आभूषण निर्यात में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

दिसंबर, 2017 में 30 प्रमुख उत्पादों में से 21 में सकारात्मक बढ़ोतरी रही। इंजीनियरिंग उत्पाद, पेट्रोलियम, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, रत्‍‌न और आभूषण, ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स, वृक्षारोपण, समुद्री निर्यात और प्लास्टिक में इजाफा रहा। खनिजों के निर्यात में गिरावट को समझा जा सकता है, लेकिन वस्त्र के क्षेत्र में गिरावट काफी निराशाजनक है क्योंकि भारतीय रुपये में मजबूती से उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता और प्रभावित होगी।

गुप्ता ने कहा कि आईजीएसटी रिफंड आईसीडी को छोड़कर तय हो रही है, जबकि कर अधिकारियों की अज्ञानता व उनके अड़ियल रवैये की वजह से निर्यातकों को आईटीसी की वापसी लेने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। फियो अध्यक्ष ने कहा कि निर्यातकों को रिफंड में होने वाली देरी के कारण बताए जाने चाहिए और हर दिन के आधार पर जीएसटी रिफंड के क्रियाकल्पों की निगरानी होनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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