लुधियाना, जेएनएन। COVID Guideline Violation in Ludhiana : अपने लालच के लिए इंसान किस हद तक जा सकता है, इसका अंदाजा इसी बात से हो सकता है कि उत्तर प्रदेश जाने वाली बस के संचालकों ने उसमें 150 लोगाें को ठूंस-ठूंस कर बैठा लिया। बस में पुरुषों के अलावा महिलाएं व छोटे बच्चे भी शामिल थे। शहर से निकलने से पहले ही शक पड़ने पर पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया।

घटनाक्रम में सबसे ज्यादा नुकसान उन लोगों का हुआ, जो सफर करने के लिए सवार हुए थे। आरोप है कि मुसाफिरों से 2 से 3 हजार रुपये सवारी के हिसाब से किराया लिया गया था। मंगलवार शाम से गरीब लोग अपने पैसे वापस लेने के लिए बैठे हुए हैं। बुधवार सुबह 11 बजे तक महिलाओं व बच्चों के साथ उन्हें जनकपुरी चौकी के पास भटकते देखा गया। तलवाड़ा गांव निवासी विनोद कुमार समेत दीपू, राम कुमार तथा शंकर यादव ने बताया कि वह बस मंगलवार शाम 4 बजे बस अड्डे से रवाना हुई थी।

खुले आसमान के नीचे रात बिताई

उस समय बस करीब करीब खाली थी। मगर थोड़ा आगे जाने पर कंडक्टर ने उसमें 45 लोगों को बैठा लिया। तब तक भी हालात सामान्य थे। मगर उसके बाद ड्राइवर व कंडक्टर विभिन्न जगहों पर बस को रोक कर सवारियों को चढ़ाते रहे। हालात यह हो गए कि यात्रियों का सांस लेना मुश्किल हो गया। विरोध करने पर कंडक्टर ने डंडे मार कर उन्हें वापस बैठा दिया। जिस समय बस को पकड़ा गया था, उस समय पुलिस ने उन्हें पैसे वापस दिलाने का भरोसा दिलाया था। मगर उसके बाद किसी ने पानी तक नहीं पूछा। ग्यासपुरा निवासी राम प्रसाद ने कहा कि वो उधार पैसे पकड़ कर गांव के लिए निकले थे। अब उनके बच्चे भूख से बिलख रहे हैं। उन्हें खिलाने के लिए उनके पास पैसा नहीं है। सबने खुले आसमान के नीचे रात बिताई है।

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मामले में ड्राइवर राजस्थान के जिला जिला झुंझुनू के गांव टिवाना निवासी छोटे लाल के खिलाफ केस दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि कंडक्टर फरार हो गया। किराये के पैसे उसी के पास हैं। यात्रियों के पैसे वापस लेने के बाद ही मालिक को बस की सुपुर्ददारी की जाएगी। ताकि यात्रियों को उनके पैसे लौटाए जा सकें।

 

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