यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दांतों पर कैप लगाते समय बरते सावधानी
फोटो:32 जागरण संवाददाता,लुधियाना इंडियन डेंटल एसोसिएशन लुधियाना के सेक्रेटरी डॉ.राजनबीर सिंह थिं

फोटो:32
जागरण संवाददाता,लुधियाना
इंडियन डेंटल एसोसिएशन लुधियाना के सेक्रेटरी डॉ.राजनबीर सिंह थिंद की ओर से दुगरी के होटल मैरियट में सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में 150 के करीब दंत विशेषज्ञ शामिल हुए।
सेमिनार का उद्घाटन आईडीए लुधियाना के प्रेजिडेंट डॉ. जयदेव सिंह ने किया। सेमिनार में मुख्य वक्ता के तौर पर मुंबई से आए स्पीकर डॉ.मोयज पहुंचे। उन्होंने दंत विशेषज्ञों को दांतों के उपर कैप लगाए जाने वाले कैप की टाइप्स,मैटीरियल और कैप लगाने के दौरान कौन कौन से इंस्टूमेंट इस्तेमाल करने चाहिए। उसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहाकि मरीज के दातों पर कैप लगाते वक्त विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। क्योंकि, कैंप अगर सही ढंग से न लगाया जाए,तो सिर में दर्द, कान में दर्द, माइग्रेन, ज्वाइंट प्रॉब्लम आ सकती है। इसलिए कैप लगाते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
इस मौके पर जम्मू से डॉ.राजेश, यमुना नगर से डॉ.विनीत बांसल, अमृतसर से डॉ.ज्योति लूथरा, डॉ.दविंदर कौर थिंद, डॉ.दलजीत कौर, राजस्थान से डॉ.अक्षय शर्मा पटियाला से डॉ.बलतेज चाहल, डॉ.गुरप्रताप सिंह सहित अन्य पहुंचे।
