संवाद सहयोगी, फगवाड़ा : देश के बच्चों को खसरा व रूबेला जैसी भयानक बीमारियों से मुक्त रखने के लिए मई दिवस पर शुरू की गई निशुल्क टीकाकरण योजना के विरुद्ध सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे झूठे मेसेज, जिसके चलते माता पिता व बच्चों में डर का माहौल पैदा हो गया है। इस बात का प्रकटावा सीनियर मेडिकल अधिकारी पीएचसी पांछट डॉ. अनिल कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि ये टीका मार्केट में 2 हजार रुपये में मिलता है, जोकि अब सरकार की तरफ से निशुल्क लगाया जा रहा है। व्यापार में मंदी को देखते हुए कुछ व्यापारियों की तरफ से ऐसे संदेश वायरल किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि खसरा घातक व छूत का रोग है व इसके साथ पूरे देश में वार्षिक 49 हजार बच्चों की मौत होती है। रूबेला एक प्रकार का छूत का रोग है, जोकि बच्चों व बालकों में मौत का कारण बनता है व यदि गर्भवती महिला इस विषाणु की लपेट में आ जाए तो नवजन्मे बच्चें में कई प्रकार की अपंगता होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि रूबेला गर्भपात, जन्म समय मौत व गंभीर पैदायशी बीमारियों सहित छोटे बच्चों में बहरापन व नेत्रहीनता का कारण बनता है। उन्होंने कहा कि इस टीकाकरण मुहिम में माता पिता बढ़चढ़ कर सहयोग देनें, क्योंकि यदि हम इस मुहिम को सफलतापूर्वक पूरा करते है, ताकि भविष्य में दोनों बीमारियों को जल्द से खत्म किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से भेजा जा रहा ये टीका गुणवत्ता पक्ष से सर्वोत्तम है।

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