संवाद सहयोगी, कपूरथला : संयुक्त पंजाब सरकारी डाक्टर्ज कोआर्डीनेशन कमेटी के आह्वान पर जिला कपूरथला के समूह वेटरनरी अधिकारियों ने पंजाब के छठे पेय कमीशन की ओर से सरकारी डाक्टरों को मिल रहे एनपीए को कम करने और प्राथमिक वेतन का हिस्सा न मानने की सिफारिशों के खिलाफ डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन कपूरथला के कार्यालय में धरना दिया गया। इसमें इमरजेंसी सेवाओं के अलावा अन्य सभी सेवाओं जिनमें ओपीडी, मसनूई गर्भदान, वैक्सीनेशन, केन्द्र सरकार की स्कीमों और सर्जिकल मामलों का बायकाट और रिपोर्ट जमा न करवाने का फैसला करने के उपरांत डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन कपूरथला के कार्यालय में रोष रैली की और कार्यालय का कामकाज ठप्प किया। इस दौरान पंजाब स्टेट वेटरनरी अधिकारी एसोसिएशन कपूरथला के अध्यक्ष डा. रघबीर सिंह रंधावा ने सरकार से मांग की कि एनपीए को बढ़ाकर कर 25 फीसद किया जाए और इसको पहले की ही तरह अन्य भत्तों और रिटायरमेंट के लाभ के लिए भी प्राथमिक वेतन का हिस्सा माना जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौरान स्वास्थ्य और पशु पालन विभाग के डाक्टरों द्वारा सराहनीय सेवाएं देने के बदले सरकार ने उनकी वेतन कम करने की घटिया हरकत की है जिसको किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने चेतावनी दी कि हमारी जायज मांगे यदि नहीं मानी गई तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा और पशु पालकों को आने वाली मुश्किलों की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस अवसर पर गुरशरनजीत सिंह बेदी, डा. आरपी सिंह, डा. लखविदर सिंह, डा. कुलविदर सिंह, डा. जसकीरत सिंह, डा. मनिंदरजीत सिंह, डा. संदीप चौधरी, डा. रमन कुमार, डा. शमशेर सिंह, डा. कुलविदर सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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