संवाद सहयोगी, कपूरथला : थाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गांव डोगरांवाल में दो गर्भवती महिलाओं ने अपने ही रिश्तेदारों पर घरेलू विवाद के चलते मारपीट कर गंभीर घायल करने का आरोप लगाया। महिला का पति व ससुर उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल में लेकर आए। डाक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद मारपीट संबंधी एमएलआर काट दी तथा उसे प्राथमिक उपचार कर छुट्टी दे दी। घायल सीता रानी पत्नी सोनू निवासी डोगरावांल ने बताया कि घर जाने के बाद पूरी रात पेट में दर्द व शरीर में दर्द होती रही। मंगलवार को वह अस्पताल में पहुंची और डयूटी डॅाक्टर को इलाज के लिए कहा तो डॉक्टर ने पर्ची पर गायनी अपीनियन लिख कर उसे गायनी डॉक्टर के पास भेज दिया। जब वह अपने पति सोनू और परिजनों के साथ भारी दर्द के चलते गायनी डॉक्टर के पास पहुंची तो लंबी लाइन में लग गई। जब एक घंटे बाद उसकी बारी आई तो गायनी डॉक्टर ने उसे यह कह कर वापस कर दिया कि मेडिकल लीगल केस है पहले डॅाक्टर से लिखवा कर लाओ और फाईल बनवा कर लाओ, फिर चैक करके बताऊंगी कि तुम्हे इलाज की जरुरत है या नहीं। बाद में गायनी डॉक्टर ने उसे जच्चा बच्चा वार्ड में दाखिल किया गया। वह 9 माह की गर्भवती है। सोमवार को उसकी ताई सास व जेठानी ने घरेलू विवाद के चलते उससे बुरी तरह मारपीट की। इस पूरे मामले को लेकर थाना कोतवाली की पुलिस को सूचित कर दिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसी तरह

दूसरा मामला : इसी गांव की निवासी 22 वर्षीय महिला ने भी घरेलू विवाद के चलते बुआ के लड़के व चार महिलाओं पर मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाया। 8 माह की गर्भवती घायल महिला ओमप्रीत पत्नी जोगा ¨सह निवासी डोगरांवाल को घायल अवस्था में कपूरथला के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। डयूटी डॉक्टर ने उसका प्राथमिक उपचार किया और उसे छुट्टी दे दी। मारपीट का शिकार हुई 22 वर्षीय ओमप्रीत ने बताया कि उसकी बुआ भी उनके घर के समीप रहती है। बुआ के लड़के का घरेलू विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते मंगलवार सुबह बुआ के लड़के व उसके नजदीकी रिश्तेदारों ने उस पर उस समय हमला कर दिया जब वह घर में अकेली थी शोर सुनकर आस पड़ोस के लोग एकत्रित हुए तो पांचों हमलावर मौके से भाग निकले। काम पर गए पति को उसने फोन पर सूचना दी। पति ने इलाज के लिए सिविल अस्पताल में लेकर आया। जब इस बारे में संपर्क करने पर एसएमओ डाक्टर रीटा शर्मा ने बताया कि मेडिकल लीगल केसो में जिस डाक्टर ने उपचार किया हो उससे गायनी अपीनियन लिखवाना व फाईल बनाना जरुरी है।जब एसएमओ से पुछा या कि 9 माह की महिला गर्भवती है ऐसे मामलों में पहले इलाज करना जरुरी है तो उन्होंने कहा महिला का इलाज पहले जरुरी है। फाईल तो बाद में भी बनाई जा सकती है।

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