PU के सिलेबस से पंजाब-सिख इतिहास हटाने पर भड़का गुस्सा, साही बोले- 'विरासत मिटाने की साजिश, वापस लो फैसला'
पंजाब विश्वविद्यालय के एमए इतिहास पाठ्यक्रम से पंजाब और सिख इतिहास हटाने के निर्णय को जत्थेदार जुगराजपाल सिंह साही ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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पंजाब यूनिवर्सिटी एमए हिस्ट्री सिलेबस विवाद।
HighLights
एमए इतिहास पाठ्यक्रम से पंजाब और सिख इतिहास हटाया गया
जत्थेदार साही ने इसे पंजाब की विरासत मिटाने की साजिश बताया
उन्होंने पाठ्यक्रम में इन विषयों को पुनः शामिल करने की मांग की
संवाद सहयोगी, जागरण कपूरथला। पंजाब विश्वविद्यालय में एमए इतिहास के पाठ्यक्रम से पंजाब और सिख इतिहास को हटाने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
जत्थेदार जुगराजपाल सिंह साही ने इस निर्णय की कड़ी निंदा करते हुए इसे पंजाब की विरासत को मिटाने की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में पंजाब के इतिहास को नजरअंदाज करना छात्रों को उनकी समृद्ध विरासत से वंचित करने के समान है।
साही ने मांग की कि इन विषयों को पाठ्यक्रम में पुनः शामिल किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकारें हमेशा पंजाब के अधिकारों का हनन करती रही हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे निर्णयों को नहीं रोका गया, तो पंजाब के अधिकारों पर गंभीर संकट आ सकता है। साही ने सभी पंजाबी समुदाय से अपील की कि वे इस अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं।
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