शनिवार को पंजाब महिला कांग्रेस की प्रधान बलवीर रानी सोढी राज्य में कांग्रेस की ओर से किसी भी महिला को प्रत्याशी न बनाए जाने से खासी गुस्से में नजर आई और रानी सोढी के इसे लेकर खुलकर कांग्रेस के खिलाफ बगावती तेवर नजर आए। रानी सोढी की ओर से अपने अर्बन एस्टेट स्थित आवास पर महिला कांग्रेस की बैठक की गई। बैठक में पंजाब के अलग-अलग शहरों से कांग्रेस की महिला कांग्रेस नेत्रियां उपस्थित हुई। बैठक को संबोधित करते हुए रानी सोढी ने कहा कि

पंजाब में कांग्रेस का नारा 'लड़की हूं-लड़ सकती हूं' और धी पंजाब अपना हक लैना जानदी सार्थक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब में महिला कांग्रेस की 12 नेत्रियों ने कांग्रेस की टिकट के आवेदन किया था, लेकिन किसी भी महिला को कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है। रानी सोढी ने कहा कि सभी महिलाओं ने बड़ी मेहनत की पर पार्टी ने उनका मूल्य नहीं डाला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं को चांस देगी तभी पता चलेगा कि महिलाएं भी हर मामले में आगे है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को टिकट नहीं देने पर कांग्रेस की महिला नेत्रियों ने नराजगी पाई जा रही है। बैठक के बाद यह तय हुआ है कि अभी फिलहाल महिलाएं अपने पदों से इस्तीफा नहीं देंगी और अगर बाकी आठ बची सीटों में से अगर महिलाओं को टिकट न दी गई तो अगली संघर्ष की नीति तैयार की जाएगी।

रानी सोढी ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू व पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज हरीश चौधरी ने उनका कोई पक्ष नही सुना। पहले उन्होंने सोचा था कि पंजाब कांग्रेस के महिला प्रधान पद से इस्तीफा दे दूं, लेकिन अब मैने लड़ाई लड़ने की सोची है।

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