सीआइआइआइटी के दो केंद्रों में रोजाना तैयार होगा 45 फेस शील्ड : वीसी जागरण संवाददाता, कपूरथला कोविड-19 से लोगों को बचाने में जुटे मेडिकल स्टाफ और डॉक्टरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के व उनकी जरूरत को पूरा करने के लिए आइके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने अपने सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन एंड इन्क्यूबेशन (सीआइआइआइटी) में फेस शील्ड का निर्माण किया है। फेस शील्ड की सप्लाई यूनिवर्सिटी ने जिला प्रशासन को शुरू कर दी है। यह पहल डॉक्टरों और नर्सों के लिए इंडियन मेडिकल रिसर्च एसोसिएशन (आइएमआरए) की तरफ से की जा रही तत्काल आवश्यकता को पूरा करेगी।

तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक सिखलाई मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने बताया कि यह प्रदेश में तकनीकी विकास की एक नई पहल है जो भविष्य में हर क्षेत्र को सक्षम बनाएगी। उन्होंने बताया कि सितंबर 2018 में राज्य सरकार की पहल पर टाटा टेक्नोलाजी एवं आइकेजी पीटीयू के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत राज्य में तकनीकी शिक्षा के प्रसार एवं शोध या खोज को बढ़ावा देने के लिए 739 करोड़ की लागत से कुल पांच सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन एंड इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना की गई। ये खोज उसी सेंटर की पहल है जो मेडिकल स्टाफ के चेहरे के भाग को वायरस से बचाएगी। इससे अन्य राज्यों को लाभ मिलेगा।

पीटीयू के कुलपति प्रो (डॉ.) अजय कुमार शर्मा ने पुष्टि की कि पहले चरण में विश्वविद्यालय का लक्ष्य कपूरथला, जालंधर एवं अन्य आस-पास के जिलों के लिए 2000 फेस शील्ड का निर्माण करना है। भविष्य में विश्वविद्यालय अन्य राज्यों को भी उत्पाद जरूरत मुताबिक प्रदान करेगा। वीसी प्रो (डॉ) शर्मा ने कहा कि प्रारंभिक चरण में विश्वविद्यालय ने 50 फेस शील्ड का निर्माण किया तथा जिला प्रशासन के माध्यम से मेडिकल कर्मचारियों को सौंप दिया।

प्रो. (डा.) शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय ने श्री गुरु नानक देव जी सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्वेंशन एंड इन्क्यूबेशन, जो कि मुख्य परिसर कपूरथला एवं सुल्तानपुर लोधी में टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर चल रहा है, में यह उत्पादन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजी ने उत्पाद के डिजाइन एवं विकास के लिए मदद की। अब कुल दो केंद्रों में प्रत्येक में रोजाना 45 फेस शील्ड तैयार होंगे।

वैज्ञानिक एवं यूनिवर्सिटी बोर्ड आफ गवर्नर के अध्यक्ष डॉ. एस.के सलवान ने यूनिवर्सिटी टीम को बधाई दी है। तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण के प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा ने कहा कि यह बहुत ही बेहतर पहल है। उन्होंने कहा की साल 2018 में प्रदेश सरकार ने यूनिवर्सिटी में यह प्रोजेक्ट सीआइआइआइटी स्थापित करवाए थे। राज्य के मेडिकल स्टाफ की वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अब ये सक्षम हुए हैं।

Posted By: Jagran

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