हरनेक सिंह जैनपुरी, कपूरथला : चुनाव से पूर्व विकास के दावे करने वाली मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के पहले बजट में कपूरथला रियासत पूरी तरह नजरअंदाज रही है। केंद्र एवं राज्य के सहयोग से सर्कुलर रोड पर बनने वाले मेडिकल कालेज के लिए कुछ भी घोषणा नही हो सकी और ना ही सुल्तानपुर लोध को स्मार्ट सिटी बनाने बारे बजट में कोई प्रावधान किया गया है।

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर से लोगों की राय लेकर तैयार किए गए बजट के बावजूद जिले के लिए कुछ भी खास नही रहा। हालाकि पूरी उम्मीद जतई जा रही थी कि मोहल्ला कलीनिक की बात करने वाली मान सरकार 325 करोड़ की लागत वाले मेडिकल कालेज के बारे में कोई ना कोई घोषणा जरुर करेगी लेकिन ऐसा संभव नही हो सका।

प्रकाशोत्सव पर पीएम मोदी ने की मेडिकल कालेज बनाने की घोषणा

श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कपूरथला में मेडीकल कालेज स्थापित करने की घोषणा की। पंजाब सरकार की तरफ से अभी तक इस कालेज का नींव पत्थर भी नही रखा जा सका है जबकि केंद्र सरकार पिछले वित्तीय वर्ष दौरान 33 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को भेज चुका है। सर्कुलर रोड पर सिविल अस्पताल की 11.7 एकड़ जमीन भी मेडिकल कालेज के लिए तय हो चुकी है। लेकिन ना तो कांग्रेस सरकार इस कालेज का निर्माण शुरू करवा सकी और ना ही आप सरकार की ओर से मेडिकल कालेज के निर्माण की तरफ कोई ध्यान दिया जा रहा है।

मेडिकल कालेज के निर्माण पर खर्च होंगे 325 करोड़ रुपये

325 करोड़ की कुल लागत वाले इस मेडीकल कालेज के लिए केंद्र की ओर से 60 प्रतिशत एवं राज्य सरकार की तरफ से 40 प्रतिशत राशि खर्च की जानी है। इसके मद्देनजर केंद्र सरकार पहली किश्त के तौर पर 33 करोड़ रुपया भेज चुका है लेकिन पंजाब सरकार अभी तक मेडीकल कालेज का नींव पत्थर भी नही रख सकी है। मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की डिग्री व डिप्लोमा के अलावा 500 बिस्तरों का अस्पताल भी होगा। मेडिकल कालेज में स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं औषधियों के विभिन्न विषयों के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था रहेगी। विद्यार्थी यहां स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोध की परीक्षाएं उत्तीर्ण करके इन विषयों के व्यवसायिक रूप से अपनाने के लिए प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे।

सुल्तानपुर लोधी को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना अधर में

उधर सुल्तानपुर लोधी को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने की घोषणा के तीन साल बाद भी यह कार्य अधर में लटक रहा है। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने दिशा में कई घोषणाएं की लेकिन जमीनी स्तर पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को कभी पंख नही लग सके। हालाकि कुछ स्कूलों की इमारत का रंगरोगन करके स्मार्ट बनाने की कोशिश हुई है।

इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकारों की घोषणा के बावजूद गुरु नानक का पिड बसाने के मामले में तो अभी तक एक भी ईंट नही लग सकी है। अब मान सरकार ने भी बजट दौरान नानक की नगरी की तरफ से मूंह मोड़ लिया है।

Edited By: Jagran