जागरण संवाददाता, सुल्तानपुर लोधी(कपूरथला) : आगामी वर्ष साहिब श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर विश्व स्तरीय समागम की सफलता के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ¨सह ने सोमवार को संत समाज से इस समागम के लिए कीमती विचारों, सुझावों और सहयोग की मांग की। नई दाना मंडी में संत समाज के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह गर्व की बात है कि यह समागम उनकी सरकार के दौरान आयोजित किया जाएगा। पंजाब सरकार शताब्दी समारोह को बेहतर ढ़ंग से मनाएगी। उन्होंने इस संबंधी केंद्र सरकार से भी सहयोग की मांग की है। उन्होंने बताया कि समागम की तैयारियों को लेकर स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत ¨सह सिद्धू, सहकारिता मंत्री सुखजिंदर ¨सह रंधावा और पीडबल्यूडी मंत्री विजय इंद्र ¨सगला पर आधारित एक कमेटी का गठन किया। उन्होंने कहा कि प्रकाशोत्सव से संबंधित कार्यक्रम साल भर आयोजित किये जाएंगे, जिनके द्वारा गुरू जी के जीवन, विचारधारा और कामों संबंधी बताया जाएगा। संत समाज की ओर से दिए गए सुझाव पर अमल किया जाएगा। उन्होंने बाबा सरबजोत ¨सह बेदी से निवेदन किया कि संत समाज के प्रतिनिधियों की एक कमेटी गठित की जाये, जो कि समागम संबंधी प्रोग्रामों को अंतिम रूप दे और यथावत लागू करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कमेटी के साथ लगातार संबंध रखे। इससे पहले बाबा नरिन्दर ¨सह जी लंगर वालों ने संगत के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस समागम के लिए एक विशेष लोगो तैयार किया जाना चाहिए। साथ ही साथ देश विदेश से आने वाली संगत की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने फिल्लौर, नूरमहल, नकोदर, सुलतानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब और तरनतारन को जोड़ती सड़क को नेशनल हाईवे घोषित कराने के लिए प्रयत्न किए जाने की बात भी कही। बाबा सरबजोत ¨सह बेदी ने कहा कि 550 वें प्रकाश पर्व को इस तरह से मनाया जाए कि श्री गुरु नानक देव जी का मानवता के प्रति संदेश विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाया जा सके।

इस मौके पर आइजी नौनेहाल ¨सह, एसएसपी कपूरथला सतिंदर ¨सह, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव कैप्टन संदीप संधू, ओएसडी गुरप्रीत ¨सह सोनू ढेसी, संत गुरमीत ¨सह, बाबा संतोख ¨सह कार सेवा बीड़ साहिब, संत गुरमेल ¨सह नानकसर जगराओं, संत मक्खण ¨सह भाई मनी ¨सह टकसाल अमृतसर, बाबा अवतार ¨सह दल बाबा बिधि चंद, बाबा गज्जन ¨सह तरना दल, बाबा जोगिन्द्र ¨सह बूढ़ा दल, बाबा गुरदेव ¨सह हरी वेलां वाले, श्री महंत बाबा ग्यानदेव ¨सह कनखल, बाबा तेजा ¨सह खुडडा वाले, बाबा सेवा ¨सह रामपुर खेड़ा वाले, बाबा लखबीर ¨सह रतवाड़ा साहिब वाले, बाबा हरी ¨सह रंधावा, भाई अमरजीत ¨सह, संत भुपिन्दर ¨सह जरग, संत बलविन्दर ¨सह राड़ा साहब, संत संतन नंद, बाबा राम ¨सह, संत भोला ¨सह, संत छोटा ¨सह, संत प्यारा ¨सह, संत सेवा ¨सह, संत कश्मीर ¨सह, संत सरूप ¨सह, संत अवतार ¨सह बद्धनी कलां, संत जसदेव ¨सह, संत जैवइन्दर ¨सह, संत दर्शन ¨सह, संत बलबीर ¨सह लंबे, भाई गुरइकबाल ¨सह, संत जसवंत ¨सह, ज्ञानी प्रताप ¨सह झठ्ठीयां, संत दरबारा ¨सह, संत बलदेव ¨सह, संत प्रितपाल ¨सह, ज्ञानी बलवंत ¨सह नन्दगड़, महंत बाबा काहन ¨सह गोन्याना मंडी, संत दीदार ¨सह, बाबा फौजा ¨सह, संत जगजीत ¨सह हरखोवाल, संत जगतार ¨सह, संत सुख्खा ¨सह, संत गुरचरन ¨सह, महात्मा मुनि जी, संत अनभोल ¨सह, बाबा प्रताप ¨सह, बाबा अमरीक ¨सह, संत गुरचरन ¨सह सुर¨सह वाले, संत सुरिन्दर ¨सह सुभाने वाले, बाबा राम दास और बाबा चरण दास गोपाल नगर वाले और अन्य उपस्थित थे।

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