हरनेक ¨सह जैनपुरी, कपूरथला पुलिस विभाग में ट्रैफिक कंट्रोल व अन्य कार्यों के वितरण के लिए बीट व्यवस्था लागू करने का श्रेय एसएसपी संदीप शर्मा को जाता है जिनके आइडिया को आइजी कंवर विजय प्रताप ¨सह ने सकरात्मक रुप प्रदान करते हुए 225 पेज की बीट बुक बना दिया। इसकी दस हजार से अधिक कापियां विभाग के विभिन्न जिलों व तहसीलों में वितरित की गई। संदीप शर्मा का यह आइडिया इस समय पंजाब भर के तमाम जिलों व थानों में लागू है, जिसके आधार पर अफसर को पता हो कि उसके काम क्या-क्या है और उन्हें लागू किस ढंग से करना है।

विरासती जिले में तैनात पीपीएस अधिकारी जिला मुख्यालय अफसर संदीप शर्मा की सर्विस व जीवन के संबंध में दैनिक जागरण की तरफ से उनके साथ विशेष बातचीत की गई उन्होंने अपने कर्तव्य व वर्क क्लचर के बारे में बेबाकी से विचार साझा किया। जिले में नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम के सवाल पर एसएसपी संदीप शर्मा ने बताया कि समाज का कर्तव्य बनता है कि वह नौजवान पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए आगे आए और नशे को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस का सहयोग करे। जिले को नशा मुक्त करने व नौजवान पीढ़ी को सही रास्ते पर लाना उनका मुख्य लक्ष्य है।

एसएसपी शर्मा ने बताया कि कपूरथला पुलिस ने अब तक नशा तस्करों को बड़ी संख्या में काबू करते हुए सलाखों के पीछे भेजा है। 75 फीसद जिले में नशे का खात्मा हो चुका है और जिले को फीसदी नशा मुक्त करना उनका लक्ष्य है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि गत लंबे समय से नशा तस्करी के लिए बदनाम तीन गांवों बूटा, लाटियांवाल और सेचा की पंचायतों से मिल कर गांव वासियों को नशे का कारोबार त्याग कर कोई ओर रोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करने की मंशा से इन पंचायतों से हलफनामे भी लिए गए, जिसका असर देखने को मिल रहा है। हालांकि नशे का कारोबार इन गांवों से खत्म नहीं हो हुआ परंतु पहले की अपेक्षा बहुत बदलाव आया है। यदि हम उन गांवों को पूरी तरह नशे से मुक्त करने में सफल हुए तो मैं समझता हूं कि हमारा जिला 100 फीसद नशे से मुक्त हो जाएगा।

अपनी शुरुआती शिक्षा और पुलिस विभाग में आने संबंधित पूछे गए सवाल बारे में बताया कि वह मूल रूप में चंडीगढ़ के रहने वाले है। परंतु उनकी आरंभिक शिक्षा अमृतसर से हुई। हालांकि उनके बड़े भाई एसके शर्मा बतौर डीजीपी रिटायर्ड हुए थे। परंतु इसके बावजूद भी उनका पुलिस विभाग में आने का इरादा नहीं था। यहां तक कि उन्होंने पीसीएस और पीपीएस दोनों परीक्षाएं पास की, परंतु पीपीएस का परिणाम पहले आने के कारण नौकरी लेने के इरादे से उन्होंने पंजाब पुलिस ज्वाइन कर ली। इसके बाद अहसास हुआ कि यह कितनी बड़ी जिम्मेदारी व देश भक्ति का काम है।

अंतर्राष्ट्रीय एटीएम गिरोह को काबू करना बड़ी उपलब्धि

वर्ष-2017 दौरान बैंक अधिकारियों में खौफ पैदा करने वाले अंतर्राष्ट्रीय एटीएम लूट गिरोह के सदस्यों को काबू करना एसएसपी संदीप शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की बड़ी उपलब्धि रही। जिसके तहत एटीएम लूटने की करीब 54 वारदातों को हल करते हुए गिरोह से करोड़ों रुपये की रिकवरी की गई। इस गिरोह के सदस्यों को सलाखों के पीछे भेज कर पंजाब व पडोसी राज्य में एटीएम लूटने की वारदातों पर काबू पाया गया है।

कई पुरस्कारों से हो चुके सम्मानित

विभाग में इमानदारी के साथ निभाई जा रही सेवाओं को देखते हुए संदीप शर्मा को विभाग की ओर से 2011 व 2017 को डीजीपी डिस्के से सम्मानित किया गया है। वहीं उनको दो बार प्रेसीडेंट मेडल का गौरव हासिल करने के अलावा 35 प्रशंसा पत्र भी मिल चुके हैं।

By Jagran