संवाद सहयोगी, सुल्तानपुर लोधी :

पिछले दिनों से लगातार पड़ रही भारी बारिश को देखते हुए वातावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल की तरफ से पवित्र काली बेई में से जलकुंभी बाहर निकालने की कारसेवा शुरू की गई है।

भारी बारिश के कारण सुल्तानपुर लोधी में बहती 165 किलोमीटर लम्बी बाबा नानक की बेई में पानी की मात्रा अधिक हो गई है। जिसके साथ कई स्थानों पर किसानों की फसलों को बहुत नुकसान हुआ और। कई स्थानों पर खेतों में पानी लग गया है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। बेई में जलकुंभी अधिक होने से यह पुल के नीचे फंस गई है, जिसको संत बलबीर सिंह सीचेवाल की तरफ से कारसेवकों को साथ मशीनों और बोटों के द्वारा बाहर निकाला जा रहा है।

इस मौके पर संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि वह सेवकों को साथ लेकर संगत के सहयोग के साथ पिछले कई सालों से बूटी निकालने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह बूटी बरसात के दौरान बाढ़ आने का मुख्य कारण भी बनती है। इस बूटी के साथ पानी को रोक लगने के कारण किसानों की फसल को हर बार भारी नुक्सान पहुंचता है।

संत सीचेवाल ने कांजली, सभानपुर भवानीपुर, गुरुद्वारा संत घाट, गुरुद्वारा बेर साहिब और बूसोवाल के करीब बने पुलों का जायजा लिया, जहा हर साल जलकुंभी बूटी फंस जाती है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और गांव वासियों से अपील की कि इस बूटी को आगे चलाने की बजाए उसे बाहर निकालें। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर लोधी में पहले बेई पर तीन पुल होते थे, जिनमें से बूटी निकालना आसान था, परन्तु 550 सालों में पुलों में चार नए बनने के कारण यह संख्या अब 10 हो गई है, जिस कारण इन 10 पुलों में से बूटी बाहर निकालने का यह कार्य और कठिन हो गया है। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बताया कि यदि बेई में हर साल ही 250 से 300 क्यूसिक पानी चलता रहे तो इसमें कभी भी बूटी की समस्या पैदा नहीं हो सकती।

गौरतलब है कि संत बलबीर सिंह सीचेवाल की तरफ से पिछले कुछ दिनों से संगत के सहयोग के साथ 3स्थानों पर बूटी निकालने का मोर्चा संभाला हुआ है। गुरुद्वारा संत घाट से बूटी निकालने के उपरांत यह कारसेवा अब गुरुद्वारा संत घाट साहिब के बाद बेई के किनारे पड़ते गाजीपुर, हरनामपुर पुल, और गोव खेड़ा बेट के पुलों पर कारसेवा जारी है, जिससे यह आगे सुलतानपुर लोधी आकर नए बनाए गए फंस जाती है।

Edited By: Jagran