जागरण संवाददाता, कपूरथला : आधुनिक जिदगी में अनेकों बदलावों के साथ-साथ मेडिकल साइंस भी समय के अनुसार नए बदलाव लाकर उपचार का तरीका बड़े स्तर पर बदल रही है। जिसका फायदा विशेषज्ञ डाक्टर व मरीजों को सरलता से प्राप्त हो रहा है। यह बात एनएचएस अस्पताल जालंधर के वरिष्ठ हड्डी रोग व जोड़ों के विशेषज्ञ डॉ. सुभांग अग्रवाल ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से आयोजित सीएमइ बैठक में विशेष तौर पर संबोधित करते हुए कही।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बढ़ती उम्र में घुटने व कूल्हे में आने वाली समस्या व दर्द की शिकायत के समाधान के लिए आधुनिक उपचार पद्धति में रोबोटिक प्रणाली बेहद सफल साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रणाली बेहद लाभदायक होने के कारण मरीज को घुटने व कूल्हे बदलवाने के समय काफी हद तक सरलता प्रदान करती है जिसके परिणामस्वरूप मरीज कुछ ही दिनों में सही तरीके से चलने फिरने के योग्य हो जाता है। उन्होंने घुटने व कूल्हे के बदलने के बारे में उपस्थित डाक्टरों को विस्तृत जानकारी मुहैया करवाई। इसी तरह वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा. सुरजीत सिंह सवादतकर ने पेसमैकर की उपयोगिता व कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए बताया कि किन-किन स्थितियों में मरीज के पेसमैकर लगाया जा सकता है। उन्होंने दिल की बीमारियों के आधुनिक उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी। उसके उपरांत आइएमए अध्यक्ष डा. सुरजीत कौर ने डॉ. सुभांग अग्रवाल व डॉ. सुरजीत सिंह सवादतकर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने वर्तमान के मुख्य विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की है, जिसका सभी को लाभ प्राप्त होना निश्चित है। डॉ. सुरजीत कौर व एसोसिएशन के सदस्यगणों ने दोनों विशेषज्ञों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर आइएमए के पदाधिकारी डा. बीएस मोमी, डॉ. एसजे धवन, डॉ. अमनदीप सिंह, डॉ. संदीप धवन, डॉ. सिम्मी धवन, डॉ. हरजीत सिंह, डॉ. अमनप्रीत सिंह, डॉ. हरप्रीत मोमी, डॉ. विपन अरोड़ा, डॉ. अंजू अरोड़ा, डॉ. जेएस वधवा, डॉ. पीएस औजला, डॉ. राजेश्वर सिंह अरोड़ा, डॉ. एसएस भाटिया, डॉ. डीके मित्तल, डॉ. मोहनप्रीत सिंह, डॉ. एसएस गिल, डॉ. बरिदर कौर गिल, डॉ. राजीव भगत, डॉ. मधूसुदन संगर के अलावा बड़ी संख्या में एसोसिएशन के सदस्यगण शामिल थे।

Posted By: Jagran

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