संवाद सहयोगी, भुलत्थ : एक तरफ देश में सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार लोगों को जागरूक कर रही हैं और स्वच्छ भारत की तस्वीर विश्व के नक्शे पर दिखाना चाहती है। वहीं, दूसरी ओर नगर पंचायत भुलत्थ में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इससे लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शहरों में गंदगी फेंकने के लिए डंप बनाये जाते हैं ताकि गंदगी से आने वाली बदबू, मक्खी, मच्छर से बचा जा सके। नगर पंचायत भुलत्थ की ओर से गंदगी को उठाकर उस पवित्र नदी के किनारे फेंका जा रहा है जो श्री गुरु नानक देव जी की चरण छोह प्राप्त है। यह सुल्तानपुर लोधी की तरफ बहती है और जितना गंदगी भरा प्लास्टिक का लिफाफा व कचरा होता है, हवा में उड़कर इस पवित्र नदी में बह जाता है।

वार्ड नंबर एक के बलविंदर सिंह, अजीत सिंह, निर्मल सिंह ने बताया कि गंदगी के कारण बदबू और मक्खी मच्छर की भरमार से उनका जीना दुश्वार बना हुआ है। इस गंदगी के कारण सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और दुकानदारों भी परेशानी हो रही है। लोगों ने मांग की है कि कस्बा भुलत्थ की गंदगी को शहर के बाहर फेंका जाए।

कोट्स

गंदगी के ढेरों को डंप में डालना चाहिए। यह गंभीर समस्या है जिसका समाधान जल्द होगा।

--कांग्रेसी पार्षद जनक रानी, वार्ड नंबर-एक

कूड़े को डंप में फेंका जाता है : चरनदास

नगर पंचायत भुलत्थ के कार्यकारी अधिकारी चरनदास ने कहा कि वह सफाई व्यवस्था को लेकर सजग हैं। कस्बे की गंदगी को घरों से उठाकर सेकेंडरी स्टेज पर फेंका जाता है। उसके बाद डंप वाली जगह में सारी गंदगी को ले जाया जाता है। हमारी कोशिश है कि शहर के बाहर कोई स्थायी जगह मिल जाए ताकि वहां पर कस्बे की सारी गंदगी को फेंका जा सके।

Posted By: Jagran

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