संवाद सहयोगी, कपूरथला : पुष्पा साइंस सिटी में नावार्ड की ओर से राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया गया। इस मौके पर प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक आनलाइन वेबिनार के अलावा स्कूली बच्चों को पर्यावरण स्वच्छता पर स्लोगन लिखने के लिए प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्लोगन लिखने के परिणाम 10 दिसंबर को वेबसाइट पर घोषित किए जाएंगे। वेबिनार को संबोधित करते हुए नावार्ड के मुख्य प्रबंधक पंजाब डा. राजीव सिवाच ने कहा कि धान की पराली को जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक करने के लिए कई शोध विधियां अपनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नावार्ड ने फसलों की संभाल के लिए (सीआरएम) नामक की जागरूकता मुहिम शुरू की है। जिसका नाम है पराली ना जलाओ, पराली तो कमाओ। इस मुहिम के अधीन तीन मोबाइल वैन चलाई गई है जिससे किसानों को पराली नहीं जलाने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। साथ ही किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और मल्चर के माध्यम से फसल के अवशेषों को नष्ट करने की जानकारी दी जा रही है।

भारतीय कृषि संस्थान नई दिल्ली के प्रमुख विज्ञानी डा. विनय कुमार ने बताया कि पराली जलाने से पैदा हुआ प्रदूषण हमारे लिए बहुत हानिकारक है। साइंस सिटी के महानिर्देशक डा. नीलिमा जेरथ ने कहा कि आज पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही है। यदि वायु और पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है, तो इससे श्वसन संबंधी बीमारियों और कोविड-19 से पीड़ित रोगियों की संख्या में और वृद्धि होगी। यह हमारे बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे को बुरी तरह प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार आगजनी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सभी उपाय कर रही है।

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