जागरण संवाददाता, कपूरथला : कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर बेशक सरकार की तरफ से सख्त कदम उठाए हैं लेकिन लोग बाजारों व सड़कों पर घूमने से बाज नही आ रहे। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लाकडाउन भी ज्यादा कारगर नही हो रहा है। अगर यही हाल रहा तो सरकार को मिनी लाकडाउन की बजाए मुकम्मल लाक डाउन लगाने के लिए भी मजबूर होना पड़ सकता है।

कोविड-19 के नियमों का पालना करवाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ दुकानों के खुलने व बंद होने के समय में कुछ तब्दीली कर दी गई है लेकिन यह तमाम परिवर्तन इस वजह से कारगार साबित नही हो रहे क्योकि प्रत्येक नागरिक खुद जिम्मेदार बनने की बजाए नियमों की धज्जियां उड़ाने से बाज नही आ रहे हैं। शहर के बाजारों में लोग बेखौफ होकर घूमते हैं तथा शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। पुलिस सिर्फ चालान काटने तक ही सीमित है। लोग रात को 10 बजे तक बाजारों में घूमते हुए नजर आते हैं। बाजारो और सड़कों पर घूमते समय मास्क पहनना भी जरूरी नहीं समझते। यदि प्रशासन ने समय पर उचित कदम नहीं उठाया तो शहर में कोरोना संक्रमण को रोकना मुश्किल हो जाएगा। उधर, सिविल अस्पताल में ओपीडी के बाहर भी शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। नियमों का पालन करवाने के लिए अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है। सुबह जब दुकाने खुलती है तो अलग-अलग दुकानों पर सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो जाती है। लोग मास्क भी नहीं पहनते हैं।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई : डीएसपी

डीएसपी सब-डिवीजन सुरिदर सिंह का कहना है कि लोग जिम्मेदार बनें तथा नियमों की पालना करे। दुकानदार भी ग्राहकों से कोरोना नियमों की पालना करवाना यकीनी बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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