जागरण संवाददाता, कपूरथला : डीसी दीप्ति उप्पल ने भूमि व जल संभाल विभाग के विकास कार्यों संबंधी विभाग के 50 साल पूरे होने पर जिला स्तर पर ब्रोशर जारी किया। उपमंडल भूमि रक्षा अधिकारी मनप्रीत सिंह ने बताया कि भूमि व जल संभाल विभाग 15 दिसंबर 1969 में खेतीबाड़ी विभाग से अलग होकर अपने अस्तित्व में आया था। विभाग की ओर से पिछले 50 सालों से अब तक किए गए कार्यों सबंधी विस्तारपूर्वक बताया गया जिस दौरान राज्य में अलग-अलग गतिविधियों तहत मुख्य तौर पर जल संभाल, बैंच ट्रेसिग, लैंड रेकलेमेशन, लेंड लेवलिग, खाले बनाने का काम, फार्म मशीनरी आधारित काम, वाटर हार्वेस्टिग स्ट्रक्चर, बरसाती पानी की संभाल, पानी के पुरातन जल भंडारा का नवीनीकरण, तुपका व फव्वारा सिचाई, जमीनदोज पाइप लाइन प्रणाली, एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के साफ हुए पानी को सिचाई के लिए इस्तेमाल करने, वाटरशैड मैनेजमेंट प्रोजेक्ट व सोलर इरीगेशन प्रोजेक्ट आदि के काम किए गए हैं। इनमें से एसटीपी फगवाड़ा के साफ हुए पानी को अंडर ग्राउंड पाइप लाइन से सिचाई के लिए इस्तेमाल करने के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है। इस समय जमीनदोज पाइप लाइन प्रणाली, तुपका व फव्वारा सिचाई, एसटीपी के साफ हुए पानी को सिचाई के लिए इस्तेमाल करने आदि के काम किए जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी कवलजीत सिंह, डिप्टी डायरेक्टर बागबानी विभाग नरिदर सिंह मल्ली, डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन प्रदीप गोयल, फिशरी विभाग के अधिकारी एचएस बावा, फोरेस्ट रेंज अधिकारी दविदरपाल सिंह, डेयरी विभाग से कपलमीत सिंह संधू, मंगत राम, जसदीप, सुशील कुमार व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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