संवाद सहयोगी, करतारपुर : तहसील परिसर स्थित सेवा केंद्र में पहचान पत्र बनवाने के लिए महिलाओं में होड़ लगी हुई है। शनिवार को छठे दिन भी सुबह से ही दर्जनों महिलाएं सेवा केंद्र पहुंची और वहां भीड़ एकत्रित हो गई। इस बीच काम सुचारू ढंग से चलाने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।

शनिवार सुबह जैसे ही नौ बजे सेवा केंद्र का दरवाजा खुला तो वहां पहले से ही दर्जनों महिलाएं पहचान पत्र बनवाने के लिए खड़ी थी। महिलाओं में पहले पहचान पत्र बनवाने के लिए हो रही तू-तू, मैं-मैं से स्थिति खराब होती देख सेवा केंद्र के इंचार्ज अजय कुमार ने नायब तहसीलदार मनोहर लाल को मामले की जानकारी दी। उन्होंने कार्रवाई करते हुए डीएसपी सुरेंद्रपाल से संपर्क करते हुए सेवा केंद्र में पुलिस मुहैया करवाने की बात कही और कुछ देर बाद पुलिस सेवा केंद्र पहुंची और मौजूद महिलाओं को समझाने के प्रयास किए ताकि सारा कार्य सुचारू रूप से चले।

इस क्रम में पुलिस प्रशासन ने सेवा केंद्र में हर रोज बनने वाले 120 के करीब कूपनों को मौजूद महिलाओं में बांट दिया। इसी तरह दो-तीन दिन के कूपन जारी कर दिए और महिलाओं को कूपन नंबर के हिसाब से कतार में खड़ा कर दिया ताकि आसानी से उनका पहचान पत्र बन सके।

100 से अधिक महिलाओं ने भरे फॉर्म

सेवा केंद्र इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि सुबह महिलाओं की भीड़ इकट्ठी हो गई। इसके बाद नायब तहसीलदार मनोहर लाल को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस के आने के बाद सभी महिलाओं को कूपन जारी कर दिए गए और फिर कुछ आसानी से कार्य हो पाया। आज भी 100 से ज्यादा महिलाओं ने फार्म भरे।

अफवाह सुनकर गुमराह हो रही महिलाएं

गौर है कि शहर में अफवाह फैल गई कि सेवा केंद्र में पहचान पत्र बन रहे हैं। जिनके पास पहचान पत्र होगा, उन्हें मोदी सरकार प्रति माह दो हजार रुपये देगी। लेकिन ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। इन पहचान पत्रों की असल सच्चाई से न तो महिलाएं वाकिफ हैं और न ही अधिकारी। महिलाएं अफवाहों के चलते भारी संख्या में सेवा केंद्र पहुंच रही हैं।

Posted By: Jagran

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