जागरण संवाददाता, जालंधर

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में थायराइड कैंसर होने का खतरा तीन गुणा अधिक है। महिलाओं में थायराइड 40 से 50 की आयु और पुरुषों में 60 से 70 की आयु में होता है। इस बात की जानकारी पटेल अस्पताल के हैड एंड नेक विभाग के प्रमुख डॉ. शमित चोपड़ा ने तीन दिवसीय हैड एंड नेक के कैंसर पर आयोजित कांफ्रेंस के अंतिम दिन दी।

पटेल अस्पताल की ओर से देश भर के विभिन्न संगठनों के सहयोग से आयोजित सातवीं हैड एंड नेक कांफ्रेंस और छठी सालाना लाइव हैड एंड नेक सर्जीकल क्रांफ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि हाइपोथाइरॉएडिज्म और हाइपरथाइरॉएडिज्म जैसी स्थितियों में शरीर में स्थित थायराइड हार्मोन असंतुलित हो जाता है। हालांकि, थायरॉएड कैंसर की स्थिति बहुत कम ही आती है, लेकिन फिर भी इस खतरनाक समस्या के बारे में जागरूकता बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि थायराइड कैंसर का आपरेशन रोबेट से किया जा रहा है। इसके अलावा गले में बोलने वाले यंत्र का आपरेशन लेजर तकनीक से संभव है।

डॉ. शिखा चावला ने बताया कि थायराइड के लक्षण दिखाई नहीं देते। गले की रुटीन जांच के दौरान गले में में गांठ या सूजन दिखाई प्राथमिक लक्षण है। गले में गांठ व सूजन होना, निगलने में समस्या और सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी आना, कुछ लोगों को कान में दर्द होना आदि थायराइड के लक्षणों में शामिल है। कांफ्रेंस के दौरान डॉ. पुरवीश पारिख, डॉ. कस्तुब पटेल, डॉ. विक्रम केकलपुरा सहित अन्य राज्यों से आए डाक्टरों ने हेड एंड नेक के कैंसर पर विचार व्यक्त किए। अंत में सीएमसी लुधियाना, पीजीआइ, सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर तथा पटेल अस्पताल के विद्यार्थियों में क्विज मुकाबले हुए।

Posted By: Jagran

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