जगदीश कुमार, जालंधर

सिविल अस्पताल में मरीजों की भीड़ को कम करने के लिए सेहत विभाग ने नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन के तहत दादा कॉलोनी, 120 फुटी रोड और खुरला ¨खगरा में कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर तैयार किए गए थे। पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन ने बहुमंजिला इमारतें तो तैयार कर दी, लेकिन रैंप नहीं बना पाए। दादा कॉलोनी में रैंप बनने की आशा है, जबकि दूसरे सेंटरों में अब विभाग को ऐसे ही काम चलाना पड़ेगा। कम्यूनिटी हेल्थ सेंटरों की इमारतों का कब्जा लेने के लिए सेहत विभाग कन्नी काट रहा है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन के इंजीनिय¨रग ¨वग ने मामले को सेहत विभाग के आला अधिकारियों के समक्ष रखा है। पीएचएससी ने रैंप के लिए जमीन की मांग रखी है। जिला स्तरीय सेहत विभाग के अधिकारियों व पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन में तालमेल के अभाव का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा है।

पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन (पीएचएसची) चंडीगढ़ से सीएचसी दादा कॉलोनी को तैयार करने के लिए नक्शा तैयार होकर आया और उसके आधार पर ठेकेदार ने इमारत तैयार कर खड़ी कर दी। सेहत विभाग व पीएचएससी में तालमेल के अभाव के चलते इमारत की निगरानी दूरी बनी रही। इमारत पूरा तरह से तैयार होने के बाद सेहत विभाग रैंप न होने की बात याद आई। इसके बाद सेहत विभाग की टीम ने इमारत की जांच कर खामियों की सूची पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन को थमा दी। पीएचएससी ने रैंप को छोड़ कर सभी खामियां दूर कर दी जिनमें बायोमेडिकल वेस्ट के रखरखाव के कमरा तैयार करना, ग्रिल लगानी व ऑपरेशन थियेटरों में खामियों को दूर कर दिया गया है। इसके बादजूद सेहत विभाग इमारत लेने से हाथ खींच रहा है। सेहत विभाग के अनुसार बिजली गुल होने व आपातकालीन में लिफ्ट न चलने से मरीजों को व्हील चेयर व स्ट्रेचर से आपरेशन थियेटर व वार्ड में लेकर नही जा सकते है। हालांकि जनरेटर लगा परंतु सेहत विभाग खर्च के डर से रैंप बनवाने के लिए अ¨डग है। तीन कनाल में बनी सीएचसी दादा कॉलोनी

- लिफ्ट और सीढि़या का प्रावधान।

- ग्राउंड फ्लोर, 6 ओपीडी रूम, स्वागत कक्ष, फार्मेसी, इमरजेंसी ब्लाक व माइनर ओटी।

- पहली मंजिल : एसएमओ का आफिस, 4 स्टाफ रूम, लैबोरेटरी, ब्लड स्टोरेज सेंटर, एक्सरे, ईसीजी रूम, अल्ट्रा साउंड स्कै¨नग रूम।

- दूसरी मंजिल : 2 ऑपरेशन थियेटर ब्लाक व लेबर रूम।

- तीसरी मंजिल : 2 वार्ड व स्टाफ के लिए रिहायश के लिए कमरे। कोट्स

सरकार की नीतियों के अनुसार सीएचसी की इमारत तैयार की गई है। विभाग ने खामियों की जो सूची दी थी तकरीबन सारी पूरी कर दी है। रैंप बनाने के लिए करीब 10 मरले जमीन की जरूरत है। सिविल सर्जन के समक्ष जमीन मुहैया करवाने की बात कही है। जगह मिलने के बाद रैंप का नक्शा तैयार कर एस्टीमेट बना कर तैयार करवाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दूसरे सेंटरों में रैंप बनाने के लिए जगह नही है।

- सुखचैन ¨सह, एक्सईएन, पीएचएससी इंजीनिय¨रग ¨वग। कोट्स

सीएचसी दादा कालोनी मामले को लेकर पीएचएसी विभाग के साथ बैठक हुई है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

डॉ. जसप्रीत कौर, सिविल सर्जन

Posted By: Jagran

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