जागरण संवाददाता, पठानकोट। भाजपा की ओर से पंजाब के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा को पठानकोट विधानसभा हलके से प्रत्याशी बनाए जाने के बाद यह सूबे की अहम सीटों में शुमार हो गई है। इस सीट पर भाजपा की साख लगी हुई है। पिछले चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला था लेकिन इस बार हलके का वोट भाजपा, कांग्रेस और आप के उम्मीदवारों में वोट बंटने की संभावना है। अकाली-बसपा उम्मीदवर एडवोकेट ज्योति पाल को भी कम आंकना ठीक नहीं होगा। बसपा के वोट भी हार-जीत में अहम भूमिका निभाएंगे। पिछले चुनाव में हारने के बाद अश्वनी शर्मा ने कहा था कि वह करवाए गए विकास कार्यों का क्रेडिट नहीं ले पाए। इस बार वह करवाए गए कार्यों को जनता तक पहुंचाने का पिछले कई महीनों से इंतजार कर रहे हैं।

उनके अलावा पठानकोट से करीब एक दर्जन नेताओं ने टिकट के लिए अप्लाई किया था परंतु केंद्रीय हाईकमान ने उन पर विश्वास जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा है। अश्वनी शर्मा को टिकट मिलने के बाद पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। 

बता दें कि पठानकोट हलके से चारों प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पिछली बार अश्वनी शर्मा को हराने वाले कांग्रेस उम्मीदवार अमित विज भी अपने पांच साल के कार्यकाल में करवाए गए विकास कार्यों को जनता के बीच लेकर जा रहे हैं। वह हलके की जनता से पिछले चुनाव में किए गए वादों में से 80 फीसद काम करने की बात कहते हुए शेष रहते कार्यों को पूरा करने के लिए दोबारा मौका मांग रहे हैं। अमित विज का कहना है कि शेष कार्यों को पूरा करने के लिए हलके की जनता उन्हें दोबारा मौका देगी।

पठानकोट सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला

पठानकोट की सीट पर इस बार तिकोणा मुकाबला होने की संभावना है। पिछले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला था। सीधे मुकाबले में कांग्रेस ने विजय प्राप्त की थी। कांग्रेस उम्मीदवार अमित विज ने भाजपा के अश्वनी शर्मा को 11 हजार 170 मतों से हराया था।

आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रहे विभूति शर्मा भी राजनीति के पुराने खिलाड़ी हैं। वह लंबे अर्से से कांग्रेस के साथ रहे। छह बार लगातार पार्षद बनकर जनता की सेवा की। करीब डेढ़ महीना पहले आम आदमी पार्टी ने उन्हें पठानकोट से उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर दी थी। उसके बाद से वह लगातार जनता के बीच रहकर इस बार हलके की सेवा करने की बात कर रहे हैं।

बसपा-अकाली दल ने एडवोकेट ज्योति पाल को उम्मीदवार बनाया है। ज्योति पाल ने वकालत के दौरान कई जरूरतमंद लोगों के केस मुफ्त लड़कर उन्हें इंसाफ दिलाया है। हलके की जनता ने किस उम्मीदवार पर अपना विश्वास जताया इसका फैसला तो जनता 20 फरवरी वाले दिन ही तय करेगी। फिलहाल सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता अपनी-अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वास्त हैं।

Edited By: Pankaj Dwivedi