जागरण संवाददाता, जालंधर : शहर की सफाई व्यवस्था में लगातार फिसिड्डी साबित हो रहे जालंधर नगर निगम के लिए तीन दिन बाद स्थिति ¨चताजनक हो सकती है। पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें तीन दिन के अंदर नहीं मानी गई तो शहर से साफ-सफाई व कूड़े की लि¨फ्टग बंद कर दी जाएगी। सोमवार को फेडरेशन ने प्रधान चंदन ग्रेवाल के नेतृत्व में निगम कमिश्नर दीपर्वा लाकड़ा व मेयर जगदीश राजा को अपनी मांगों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में राज्यभर के समूह दर्जाचार कर्मचारियों की पेंशन पुन: बहाल किए जाने, पे कमीशन का लाभ जल्द देने व बकाया डीएवी किश्त जारी करने, 200 सफाई कर्मियों व 500 सीवरमैनों की भर्ती करने, नई भर्ती होने के बाद तीन साल तक बेसिक पे देने, ठेकेदारी सिस्टम द्वारा रखे जा रहे 160 सीवरमैनों व 50 सफाई सेवकों संबंधी प्रस्ताव रद करने, सीनियोरिटी के आधार पर सफाई सेवकों व सीवरमैन कर्मियों की सुपरवाइजर पदोन्नत करने, नगर निगम में काम करते ड्राइवरों का बीमा करने, निगम वर्कशॉप में आउटसोर्स अधीन रखे जेसीबी ऑपरेटरों व वाटर सप¨लकर कर्मियों को रेगुलर करने, इन्हें ठेकेदारी प्रथा से मुक्त करवाने, सफाईसेवकों व सीवरमैनों को अन्य मुलाजिमों की भांति त्योहारों व रविवार की छुट्टी देने समेत अन्य मांगें रखी गई।

इस मौके अन्यों यूनियनों से नरेश प्रधान, पवन बाबा, देवानंद थापर, विक्रम कल्याण, टोनी शाह, विनोद गिल, अशोक फरमाए, अशोक भील, पवन अग्निहोत्री मौजूद थे।

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