सुक्रांत, जालंधर। पुलिस कमिश्नर नौनिहाल सिंह ने कहा कि शहर में चुनावी दौर शुरू हो चुका है। हर आदमी शांति से चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो माहौल खराब करना चाहेंगे, लेकिन किसी ने थोड़ा सा भी उपद्रव किया तो उसकी बड़ी सजा भुगतनी पड़ सकती है।

दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनावी सीजन में पुलिस पर सुरक्षा का अतिरिक्त बोझ आता है और लोग भी पुलिस से ज्यादा ही अपेक्षा करते हैं। उन्होंने सारे आला अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा शहर के सारे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए थानों प्रभारियों को हिदायत दी है। सीपी ने हमारे अन्य सवालों के जवाब भी दिए।

चुनाव में लोगों को सुरक्षित माहौल देने के लिए क्या प्रबंध हैं?

चुनाव में लोगों को पूरी तरह से सुरक्षित माहौल दिया जाएगा। इसके लिए जालंधर शहर में अ‌र्द्धसैनिक बल के साथ-साथ पंजाब पुलिस के सारे जवानों को लोगों की सुरक्षा में अतिरिक्त चौकसी बरतने के लिए कहा गया है। शहर में अधिकारियों के नेतृत्व में रोजाना फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं, चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और यह प्रकिया चुनावों तक जारी रहेगी।

इसके अलावा शहर के सारे एंट्री प्वाइंट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हर आने जाने वाले वाहन, खास तौर पर दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों को चेक करके शहर के अंदर आने देने की हिदायत जारी कर दी गई है।

जो सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, उनको सही ढंग से लागू करवाने के लिए किसे तैनात किया जा रहा है?

जब तक शहर के चुनाव नहीं हो जाते, तब तक ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर से लेकर थानों के प्रभारी लोगों की सुरक्षा में दिन रात तैनात रहेंगे। ज्वाइंट सीपी संदीप मलिक और डीसीपी जसकिरण जीत सिंह तेजा सारी प्ला¨नग करेंगे और प्लानिंग को पूरा करवाने की जिम्मेदारी एडीसीपी सोहेल कासिम मीर की होगी। उनकी टीम में एक नहीं कई सिंघम हैं, जो शहर की सुरक्षा का जिम्मा अच्छी तरह से उठा सकते हैं।

शहर को सुरक्षित रखने का जिम्मा क्या सिर्फ पंजाब पुलिस के कंधों पर रहेगा या फोर्स मंगवाई गई है?

चुनावों के मद्देनजर शहर में सेंट्रल आ‌र्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की 29 टुकड़ियां मंगवाई गई हैं, जिनमें से तीन आ चुकी हैं, चौथी एक-दो दिन में आ जाएगी। एआरपी की तीन टुकड़ियां भी जालंधर पहुंच चुकी हैं। आने वाले कुछ दिनों में बाकी सारी टुकड़ियां भी जालंधर में पहुंच जाएंगी। विधानसभा चुनाव 2017 में शहर में 19 सीएपीएफ की टुकड़ियां आई थीं और 2019 लोकसभा चुनावों में 10 कंपनियां आई थीं, लेकिन इस बार उनसे ज्यादा ही होंगी।

माहौल खराब करने वाले कहीं भी पुलिस को चकमा दे सकते हैं, उनके लिए क्या उपाय किया है?

शहर में हर नाके पर पुलिस की तीसरी आंख तैनात होगी। शहर में 21 जगह पर नाके लगाए जाने की योजना है, जिनमें से नौ जगह पर स्थायी नाके, जिनमें अ‌र्द्ध सैनिक बल भी शामिल होते हैं, लगाए जा चुके हैं। हर नाके पर पुलिस की तीसरी आंख यानि सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा। अभी तक नौ नाकों पर यह कैमरे लगाए जा चुके हैं और उनका कंट्रोल रूप पुलिस लाइन में रहेगा, जो अभी से एक्टिव कर दिया गया है। कंट्रोल रूम का सारा काम एसीपी स्तर के अधिकारी के हाथ में होगा। वहीं शहर में 70 पैट्रो¨लग पार्टी को तैनात कर दिया गया है, जो ऐसे लोगों पर विशेष नजर रखेगी।

सुरक्षा और चेकिंग के नाम पर लोगों को परेशान भी किया जा रहा है, इसके लिए क्या किया?

यदि पुलिस वालों ने किसी को बेवजह तंग किया तो उन पर भी गाज गिर सकती है। सारे पुलिस कर्मियों को आदेश दिए गए हैं कि चेकिंग के नाम पर बिना वजह किसी को तंग न किया जाए। विशेष नाकों या फ्लैग मार्च के दौरान चलाए गए चेकिंग अभियान में वाहन चेक किए जाएं, लोगों से पूछताछ की जाए, लेकिन अकारण ही किसी को रोक कर परेशान करने की मनाही की गई है।

लोगों से कोई अपील?

लोग सजग रहें, ध्यान रखें, पुलिस का पूरा सहयोग करें। किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही पुलिस को सूचित करें। पुलिस नाम पता गुप्त रख कर तुरंत कार्रवाई करेगी।