जागरण संवाददाता, जालंधर : रोजाना सवा लाख लीटर दूध की सप्लाई और गर्मी का मौसम। क‌र्फ्यू और कोरोना वायरस के निरंतर बढ़ते खतरे के बीच वेरका डेयरी, जालंधर के मैनेजर अमरजीत सिंह अपनी टीम के साथ दूध और दुग्ध उत्पाद समय पर लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

एक तरफ प्रशासन के दिशा निर्देशों के तहत लोगों के घरों तक दूध पहुंचाने की चुनौती व दूसरी ओर अपनी मार्केटिग टीम व दूध ढोने वाले वाहनों की सैनिटाइजेशन की बड़ी जिम्मेदारी। क‌र्फ्यू में तो डेयरी का काम पहले से भी बढ़ गया है।

एक माह पहले जब कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए एकाएक क‌र्फ्यू लागू करना पड़ा तो प्रशासन के समक्ष लोगों तक दूध की सप्लाई जारी रखना एक बड़ी चुनौती था। आनन-फानन में वेरका टीम को जिला प्रशासन की तरफ से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए। लोगों को होम डिलीवरी देने के लिए वेरका अधिकारियों के फोन नंबर भी उपलब्ध करवाए गए।

अमरजीत सिंह बताते हैं कि क‌र्फ्यू लागू होने के शुरुआती चार दिन में उनके पास रोजाना करीब डेढ़ हजार से ज्यादा फोन आए। लोग घबराए हुए थे कि शायद उन्हें दूध नहीं मिल पाएगा। उस समय तो लोगों को आश्वस्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। साथी ही मार्केटिग टीम को मोटिवेट किया कि ऐसी ही आपात स्थिति में कर्मयोगियों की पहचान होती है। इस प्रक्रिया के दौरान डीसी वरिदर कुमार शर्मा द्वारा दिखाए गए हौसले एवं दी गई हिम्मत तथा मोटिवेशन के चलते सारी टीम एक लक्ष्य के साथ काम में जुट गई।

अमरजीत बताते हैं कि बुजुर्ग वॉट्सएप करते हैं तो तत्काल कोशिश होती है कि अपना वाहन भेजकर दूध, दही, पनीर, खीर आदि की डिलीवरी की जाए। फिर लोगों से वॉट्सएप पर ही फीडबैक लेते हैं कि कितनी देर में सप्लाई मिली। अब तो शहर में पक्के रूट ही बना दिए गए हैं, जहां वेरका के वाहन एवं मुलाजिम लोगों को उनके घरों के नजदीक दूध की सप्लाई करते हैं।

हर मुलाजिम को दिया है साबुन व मास्क

अमरजीत सिंह ने कहा कि वेरका मिल्क प्लांट 24 घंटे कार्य करता है। इस कारण प्लांट में आने वाले प्रत्येक शख्स की चेकिग बेहद अनिवार्य है, ताकि कोरोना वायरस से संक्रमित कोई भी व्यक्ति प्लांट के भीतर प्रवेश न कर सके। टीम अपरिचित लोगों से रोजाना मिलकर वापस लौट रही है। यह एक बड़ी चुनौती है, लेकिन फिर भी सिस्टम तैयार कर दिया गया है। हर मुलाजिम को साबुन एवं मास्क आदि उपलब्ध कराए गए हैं।

कोशिश यही कि उपभोक्ता व प्रशासन की उम्मीदों पर खरा उतरें

अमरजीत सिंह ने कहा कि क‌र्फ्यू लागू होने के चलते सामान्य रुटीन के मुताबिक बिक्री का लक्ष्य प्राप्त करना भी एक चुनौती है। बहुत सी दुकानों पर वेरका के उत्पाद बिक्री के लिए जाते थे, जो दुकानें बंद होने की वजह से अब नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर दूध की सप्लाई, वेरका मार्केटिग टीम एवं वाहनों की सैनिटाइजेशन, प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक बिक्री के टाइमिग तथा रोजाना की प्लानिग अब एक टास्क के तौर पर लिए जा रहे हैं। कोशिश यही है कि उपभोक्ताओं प्रशासन एवं वेरका की उम्मीदों के ऊपर पूरा उतर सकें।

Posted By: Jagran

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