जालंधर [कमल किशोर]। जापान में 20 सितंबर से लेकर दो नवंबर तक रग्बी विश्व कप होने जा रहा है। रग्बी में विश्व का 80 फीसद कारोबार करने वाली जालंधर की खेल इंडस्ट्री ने एक और मील का पत्थर स्थापित किया है। यहां की उमा इंटरनेशनल ने विश्व की सबसे बड़ी रग्बी बॉल तैयार करके गिनिज बुॅक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाया है। बीस कर्मचारियों ने इसे आठ माह में तैयार किया है। 14 सितंबर को रग्बी बॉल को हवाई मार्ग से इंग्लैंड पहुंचाया गया। 15 अगस्त को रग्बी बॉल को इंग्लैंड के शहर साउथ मॉल्टन में स्थापित किया गया। इसे व‌र्ल्ड रग्बी बोर्ड के नियमों के मुताबिक ही बनाया गया है।

गिनिज बुक ऑफ रिकाडर्स अवार्ड के साथ उमा इंटरनेशनल के एमडी अजय महाजन।

बता दें कि विश्व के कई देशों में रग्बी खेली जाती है। न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेल्स, फिजी, समोआ, टोंगा तथा मेडागास्कर देशों का तो राष्ट्रीय खेल ही रग्बी है।

सबसे बड़ी रग्बी की फैक्ट फाइल

पहले का विश्व रिकॉर्ड - लंबाई : 4.7 मीटर, चौड़ाई : 2.95 मीटर

नया विश्व रिकॉर्ड - लंबाई : 5.98 मीटर चौड़ाई : 3.7 मीटर

ये है रग्बी व‌र्ल्ड बोर्ड के नियम

रग्बी का भार 410 से 450 ग्राम के बीच होना चाहिए। उसकी लंबाई 75 सेंटीमीटर व मोटाई 58 सेंटीमीटर होनी चाहिए। हवा का दबाव 65.71 से 68.75 किलो पॉस्कल के बीच होना चाहिए।

ऐसे बनती है रग्बी बॉल

रग्बी को तैयार करने में सिंथेटिक रबड़ का प्रयोग किया जाता है। पहले तीन चार कपड़ों को जोड़ लिया जाता है। रबड़ को चढ़ा दिया जाता है। चढ़ाने के बाद थोड़ी सी हीट में रखा जाता है। फिर उसमें ब्लैडर लगा दिया जाता है। ब्लैडर लगाने के बाद सिलाई होती है।

फैक्ट फाइल

  • 20 एक्सपोर्टर हैं पंजाब में रग्बी के
  • 100 करोड़ रुपये का कारोबार होता है रग्बी का
  • 80 प्रतिशत भागीदारी है विश्व में जालंधर के एक्सपोर्ट से

ऐसे हुई रग्बी खेल की उत्पत्ति

रग्बी खेल की उत्पत्ति फुटबॉल से हुई। वर्ष 1823 में एक फुटबॉल मैच के दौरान ग्रेट ब्रिटेन के स्कूल के विद्यार्थी ने फुटबॉल को हाथ में लेकर गोल लाइन की तरफ दौड़ लगा दी थी। उस विद्यार्थी का नाम विलियम वेब इलिस था। उसी दिन रग्बी की खोज हुई। वर्ष 1845 से 1848 के बीच रग्बी के नियम तैयार हुए। वर्ष 1871 में रग्बी नेशनल फेडरेशन की स्थापना हुई। उसी वर्ष पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच स्कॉटलैंड व इंग्लैंड के बीच खेला गया।

यूरोपियन देशों में 80 प्रतिशत रग्बी जालंधर से तैयार होकर जाती है। व‌र्ल्ड रग्बी बोर्ड के नियम के मुताबिक ही बॉल को तैयार किया जाता है। भार का खास ख्याल रखा जाता है। रग्बी औद्योगिक इकाइयां सौ करोड़ रुपये के करीब कारोबार करती हैं।

- अलकेश कोहली, डायरेक्टर, स्पोर्टिंग सिंडीकेट

विश्व की सबसे बड़ी रग्बी तैयार करने में आठ महीने का समय लगा। बीस कर्मचारियों ने इसे मेहनत से तैयार किया। यूरोपियन देशों में रग्बी अधिक खेली जाती है। जहाज के माध्यम से बॉल को यूके भेजा गया।

- अजय महाजन, एमडी उमा इंटरनेशनल

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