जालंधर [मनु पाल शर्मा]। कोरोना वायरस महामारी के चलते जहां अधिकारी खुद संकट से घिरे हुए हैं, वहीं अवैध बस माफिया चांदी कूटने में व्यस्त हैं। प्रशासन की ठीक नाक तले जालंधर के शहीद-ए-आजम भगत सिंह इंटरस्टेट बस टर्मिनल के आसपास से धड़ल्ले से अवैध बसों का संचालन किया जा रहा है। बेखौफ बस माफिया ने अब अपना बुकिंग ऑफिस ही पंजाब रोडवेज के जनरल मैनेजर कार्यालय के बिल्कुल आगे खोल लिया है।

जालंधर के सचिव रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) कोरोना वायरस संक्रमण से पीड़ित हो गए हैं और उनके क्वारंटाइन रहने के कारण बसों की अवैध चेकिंग पर भी विराम लग गया है। सरकारी तंत्र पर भी अपनी पकड़ मजबूत बता रहा निजी बस माफिया अब 24 घंटे विभिन्न शहरों के लिए अंतरराज्यीय बसें संचालित कर रहा है। बस स्टैंड के एग्जिट गेट के ठीक सामने फ्लाईओवर के नीचे और मोता सिंह नगर मार्केट में माफिया के ऑफिस खुले हुए साफ देखे जा सकते हैं।

लॉकडाउन की अवधि से लेकर ही निजी बस माफिया अंतरराज्यीय बसों का संचालन कर रहा है। हालांकि लॉकडाउन की अवधि के दौरान लोगों को एक शहर से दूसरे शहर जाने में ही सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी, लेकिन निजी बस माफिया की बसें उस समय में भी रात में तीन तीन राज्य की सीमाओं को लांघ रही थी। जाहिर है यह बिना सरकारी मदद के संभव ही नहीं है।

यही नहीं, निजी बस माफिया केवल अपने काउंटर पर यात्रियों की टिकट नहीं काट रहा है, बल्कि जिस साइट पर पंजाब रोडवेज अपने यात्रियों की ऑनलाइन बुकिंग करता है, उसी पर यात्रियों की बुकिंग कर रहा है। इसी एक ही साइट के ऊपर कम किराए में यात्री ले जाने की चुनौती भी पंजाब रोडवेज को सरेआम दी जा रही है। निजी बस माफिया यात्रियों की जरूरत और सीटों की उपलब्धता के चलते मौके पर ही टिकट की कीमत भी बढ़ाता और कम करता रहता है। इस कारण पंजाब रोडवेज को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है क्योंकि पंजाब रोडवेज के अधिकारी मनमर्जी से टिकट की कीमत में फेरबदल नहीं कर सकता है।

इसलिए अवैध है ये बसें

निजी बसों का संचालन इस कारण अवैध माना जाता है क्योंकि इन बसों के पास स्टेज कैरिज परमिट नहीं होता है। यह अकेले-अकेले यात्री की टिकट नहीं काट सकते हैं। बावजूद इसके निजी बस माफिया टूरिस्ट परमिट भी नहीं लेता है और एक एक यात्री की बुकिंग कर लेता है।

रोडवेज अधिकारी बोले- बस माफिया को रोकना उनके बस में नहीं

इस बारे में पंजाब रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि निजी बस माफिया को रोक पाना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। पंजाब रोडवेज की तरफ से समय-समय पर ट्रांसपोर्ट विभाग को कार्रवाई करने के लिए लिखा जाता है। कुछ समय पहले ही सचिव आरटीए ने ऐसी बसों को लगभग दो लाख का जुर्माना किया था, लेकिन बसों का संचालन फिर भी बंद नहीं किया जा सका।

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

Posted By: Pankaj Dwivedi

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!