जागरण संवाददाता, जालंधर : ट्रेडर्स फोरम जालंधर ने पंजाब सरकार और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को चेतावनी दी है कि कारोबारियों पर जीएसटी के छापे तुरंत प्रभाव से रोके जाएं अन्यथा अधिकारियों और कारोबारियों में टकराव के हालात पैदा हो सकते हैं। ट्रेडर्स फोरम के नेता रविदर धीर, बलजीत सिंह आहलुवालिया, अमित सहगल व विपिन प्रिंजा ने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एक बयान में कहा है कि पंजाब में जीएसटी से रेवेन्यू में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पंजाब में अगर कारोबारियों से सरकार को ज्यादा राजस्व मिल रहा है तो कारोबारियों को काम करने का माहौल दिया जाए। कारोबारियों पर छापेमारी करके माहौल बिगाड़ा जा रहा है।

रविदर धीर ने कहा कि राजस्व में वृद्धि इस बात को साबित करती है कि व्यापारियों एवं कारोबारियों ने दो वर्षो से जारी महामारी से निपट कर राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसके बावजूद कारोबारियों एवं व्यापारियों को हर रोज छापेमारी कर परेशान किया जा रहा है। अगर समय रहते यह अभियान बंद न हुआ तो जीएसटी विभाग और कारोबारियों में जगह-जगह टकराव की हालत पैदा होगी, जोकि राज्य के हित मे नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स फोरम के कई दिनों से इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने के बाद यूनाइटेड फोरम आफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड की बैठक में आप विधायकों ने 10 दिनों के अंदर इस मुद्दे के समाधान का आश्वासन दिया है। उम्मीद करते हैं कि राज्य सरकार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छापेमारी अभियान बंद करवाएगी, ताकि कारोबारी एवं व्यापारी वर्ग अपने काम की तरफ ध्यान कर सकें और राज्य की उन्नति में व्यापक स्तर पर योगदान डाल सकें। बैठक में व्यापारी नेता राकेश गुप्ता, अश्विनी मल्होत्रा, अरुण बजाज, नरेश मल्होत्रा, राजेंद्र चतरथ, संदीप गांधी, हरप्रीत सिंह लवली, सर्वजीत सिंह आनंद, जसपाल सिंह फ्लोरा, राजन गुसाई, दर्शन भल्ला, करण कक्कड़, बलवीर सिंह आदि शामिल हुए।

Edited By: Jagran