शाम सहगल, जालंधर। खाद्य पदार्थों पर महंगाई के बीच अब टमाटर ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। चंद दिनों में ही इसके दामों में 3 गुना तक इजाफा हो चुका है। मौजूदा हालातों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इसके दामों में और भी इजाफा हो सकता है। कारण टमाटर की लोकल फसल आने में अभी करीब 20 से 25 दिन लगेंगे। इस बीच, हिमाचल के सोलन से पंजाब में टमाटर की आपूर्ति की जा रही है। जिसका असर दामों पर पड़ा है।

दाल हो या फिर सब्जी तड़का लगाने के लिए टमाटर का होना जरूरी है। मंडी में जाने पर टमाटर की खरीद किए बगैर सब्जी की खरीद अधूरी है। यही कारण है कि सब्जी की खरीद में अदरक, टमाटर तथा लहसुन शामिल होते ही हैं, लेकिन इस बार टमाटर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चंद दिनों पूर्व रिटेल में 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा टमाटर इन दिनों 60 रुपये तक पहुंच चुका है। जिसके चलते लोगों का सब्जी की खरीद का बजट भी गड़बड़ा गया है।

सोलन से मंगवाया जा रहा टमाटर

जालंधर की मंडी में इन दिनों टमाटर की आपूर्ति हिमाचल के सोलन से की जा रही है। देशभर में सोलन जिला टमाटर की पैदावार के लिए विख्यात है। यहां का वातावरण टमाटर की खेती के लिए 12 महीने अनुकूल रहता है। यही कारण है कि जहां से पंजाब हरियाणा तथा दिल्ली से लेकर कई राज्यों में टमाटर की सप्लाई होती है। इस बारे में थोक सब्जी विक्रेता रवि शंकर बताते हैं कि हिमाचल के सोलन से टमाटर मंगवाने के कारण परिवहन खर्च भी पड़ रहा है। दूसरा लोकल टमाटर के मुकाबले सोलन के टमाटर के दाम थोक में ही डेढ़ गुना रहते हैं।

मानसून खत्म होने के बाद ही पहुंच में आएंगे दाम

इस बारे में सब्जी के थोक कारोबारी रजिंदर पाल बताते हैं कि बरसाती सीजन में लोकल टमाटर की फसल नहीं होती। मानसून खत्म होते ही लोकल टमाटर की फसल शुरू हो जाएगी। इसके बाद ही दाम पहुंच में आएंगे, तब तक लोगों को महंगे टमाटर की मार झेलनी होगी।

शीतल तथा रूबी टमाटर है पसंदीदा

टमाटर की किस्मों में पंजाब में पूसा शीतल तथा पूसा रूबी के टमाटर को अधिक पसंद किया जाता है। कारण, इन किस्मों के टमाटर का रंग अधिक लाली में रहता है। दूसरा परत मजबूत होने के चलते इसकी क्वालिटी भी कई दिनों तक बनी रहती है।

Edited By: Kamlesh Bhatt