संवाद सहयोगी, अमृतसर। Tokyo Olympics 2020 टोक्यो ओलंपिक में तीन बार की ओलिंपिपक चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ क्वार्टरफाइन में गोल करने वाली गुरजीत कौर के घर गांव मैदियां कला में खुशी का माहौल है। पूरा घर इस बात फूला नहीं समा रहा कि उनकी बेटी के इकलौते गोल की वजह से ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत को पहली बार ओलिंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने का मौक मिला है। गुरजीत कौर की मां हरजिंदर कौर का कहना है कि गुरु रामदास महाराज की कृपा से उनके घर में खुशियां आई हैं। इसके लिए वह गुरु महाराज की शुक्रगुजार हैं।

उन्होंने कहा कि परिवार को बेटी गुरजीत कौर की मेहनत और लगन पर पूरा विश्वास था। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि भारत जीतेगा। मां ने कहा कि जब गुरजीत छोटी थी तो पिता सतनाम सिंह और चाचा बलजिंदर सिंह ने कभी साइकिल तो कभी मोटरसाइकिल पर स्टेडियम ले जाकर उनका भविष्य बनाने में खासी मेहनत की थी। इसी का परिणाम आज सबके सामने हैं।

दादी बोली- पोती बचपन से ही हिम्मती और मेहनती 

गुरजीत कौर की दादी दर्शन कौर ने कहा कि उनकी पोती में हिम्मत और मेहनत जज्बा बचपन में ही नजर आता था। जब वह स्कूल पढ़ने के लिए जाया करती थी, तो वह पढ़ाई में भी बढ़िया प्रदर्शन करती थी। मां हरजिंदर कौर व दादी दर्शन कौर का कहना है कि गुरजीत कौर ने पूरे परिवार की मेहनत का बड़ा सुफल दिया है।

अमृतसर। ओलंपिक में गोल कर भारत को जीत दिलवाने वाली की दादी बाएं से दूसरी दर्शन कौर, हरसिमरन कौर, दविंदर कौर और बहन का बेटा गुरकीरत सिंह

खुशी में गांव व घर में बंटी मिठाई

महिला हॉकी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाली अमृतसर की गुरजीत कौर के गांव मैदियां कला में उसके घर पर जश्न का माहौल है। गांव के लोग घरवाले एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाकर भारत की जीत की बधाई दे रहे हैं। इस मौके पर गुरजीत कौर की मां हरजिंदर कौर, दादी दर्शन कौर के अलावा चाचा बलजिंदर सिंह, ताया सुखा सिंह नंबरदार, बलकार सिंह नंबरदार, गुरमीत सिंह नंबरदार, गुरचरण सिंह व भूपिंदर सिंह सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।

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Edited By: Pankaj Dwivedi