जालंधर [शाम सहगल]। क‌र्फ्यू के बीच तंबाकू उत्पादों की कालाबाजारी चरम पर है। चंद दिनों के बीच ही बीड़ी, सिगरेट, गुटखा तथा तैयार तंबाकू के पाउच रिटेल में दोगुणे दामों पर बेचे जा रहे हैं। कालाबाजारी की यह चेन थोक कारोबारी शुरू कर रहे हैं। चंद दिनों पहले जो बीड़ी का बंडल रिटेल में 15 रुपये का बिक रहा था वह 22 से 24 रुपये तक पहुंच गया है।

यही स्थिति तैयार तंबाकू पाउच, गुटखा तथा सिगरेट की भी है। अधिकारिक तौर पर प्रतिबंधित होने के बावजूद इनकी सप्लाई अंदरखाते धड़ल्ले से हो रही है। क‌र्फ्यू के कारण बंद हुए कारोबार के बीच प्रशासन ने केवल किरयाना, सब्जी, दूध तथा दवाइयों की दुकानों को खुले रहने की इजाजत दी है। जबकि, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा सहित तैयार तंबाकू उत्पादों को जरुपयेरी वस्तुओं में शामिल ना होने से यह दुकानें फिलहाल बंद हैं। अलग बात है कि शहर के कई थोक विक्रेता अंदरखाते धंधे को अंजाम दे रहे हैं।

गोदाम में भारी स्टाक, पैदा कर रहे कृत्रिम कमी

क‌र्फ्यू को देखते हुए तंबाकू उत्पादों के थोक विक्रेताओं ने पहले से ही माल का भारी स्टॉक जमा किया हुआ है। जबकि, दिन प्रतिदिन कृत्रिम कमी पैदा करके इन उत्पादों के दामों में रोजाना इजाफा किया जा रहा है। इमाम नासिर, मलका चौक व चरणजीतपुरा में कई दुकानदार इस धंधे को अंजाम देकर वारे न्यारे कर रहे हैं।

किरयाना की आड़ में हो रही तंबाकू उत्पादों की सप्लाई

क‌र्फ्यू के बीच प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर किरयाना की आड़ में तंबाकू उत्पादों की सप्लाई की जा रही है। कई थोक विक्रेता वाहन में किरयाना का सामान रखकर उसके अंदर तंबाकू उत्पाद बेच रहे हैं। कई दुकानदारों ने घर से ही बिक्री का नेटवर्क चलाया है।

एमआरपी की परवाह नहीं

तमाम तरह के तंबाकू उत्पादकों के ऊपर एमआरपी दर्ज होती है। जबकि, थोक विक्रेता ही एमआरपी से महंगे दाम में उत्पाद बेच रहे हैं। इसी स्थिति में रिटेल विक्रेता से होते हुए लोगों तक पहुंच रहे तंबाकू उत्पाद एमआरपी से दोगुणे रेट पर बिक रहे हैं।

 

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