जालंधर, जेएनएन। फादर एंथनी से प्रतापपुरा स्थित एफएमजे हाउस से लाखों के कैश लूटकांड को अंजाम देने वाले 13 आरोपितों के खिलाफ मोहाली की अदालत में चार्ज फ्रेम हो गए हैं। इनमें पंजाब पुलिस के तीन एएसआइ जोगिंदर सिंह, राजप्रीत सिंह, दिलबाग सिंह और एक हेड कांस्टेबल अमरीक सिंह शामिल हैं। पुलिस से बर्खास्त इन चारों आरोपितों के खिलाफ ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

स्टेट क्राइम के एआइजी राकेश कौशल ने कहा कि लूटकांड में शामिल इन सभी आरोपितों को कानून के मुताबिक सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी। वहीं, वित्तीय जांच का मामला अब भी जालंधर कमिश्नरेट पुलिस के पास लटका हुआ है। इसकी जिम्मेदारी डीसीपी इन्वेस्टिगेशन गुरमीत सिंह को दी गई है लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। वित्तीय जांच में फादर एंथनी की कमाई का लेखा-जोखा देखने के साथ लूटी गई कुल रकम के बारे में पता लगाया जाना है। फादर एंथनी ने साढ़े छह लाख रुपये गायब करने के आरोप लगाए थे।

यह है मामला

पिछले साल 29 मार्च को एसएचओ मलोध गुरदीप सिंह की अगुआई में खन्ना पुलिस की टीम ने एफएमजे हाउस में रेड की थी। वहां से हवाला मनी बताकर 9.66 करोड़ की बरामदगी दिखाई थी। बाद में फादर एंथनी ने आरोप लगाया कि उनके यहां से करीब 16 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। इसकी शिकायत उन्होंने डीजीपी से की थी। डीजीपी के आदेश पर आइजी क्राइम पीके सिन्हा ने जांच की। इसमें पहले धोखाधड़ी और फिर लूट का केस दर्ज कर लिया गया। बाद में ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के डायरेक्टर प्रबोध कुमार की अगुआई में एसआइटी बनाई गई। इसमें आइजी क्राइम पीके सिन्हा, पुलिस कमिश्नर जालंधर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, एसएसपी पटियाला मनदीप सिंह व एआइजी स्टेट क्राइम राकेश कौशल को बतौर तफ्तीशी अफसर शामिल किया गया।

तफ्तीश में कपूरथला के एसपी मनप्रीत सिंह, डीएसपी बिमलकांत और थाना स्टेट क्राइम से एसएचओ बलजिंदर सिंह व एसआइ सुखवंत सिंह को इसमें शामिल किया गया। जांच के बाद एसआइटी ने पहले एफएमजे हाउस में रेड के वक्त साथ आए मुखबिर सुरिंदर सिंह को पकड़ा। उससे पूछताछ के बाद एक मई को एएसआइ जोगिंदर सिंह व एएसआइ राजप्रीत सिंह को केरल के कोच्चि से गिरफ्तार कर लिया गया। स्टेट क्राइम ने इस मामले में कुल 13 आरोपितों को पकड़ा। इनसे 4,57, 33,500 रुपये की रिकवरी की गई। ये रकम लूट के बाद एएसआइ जोगिंदर व राजप्रीत ने अपने रिश्तेदारों व करीबियों को दे दिए थे।

ऐसे हुई थी रिकवरी

एसआइटी ने जब छापामारी शुरू की तो इस लूटकांड में शामिल निर्मल सिंह से एक करोड़, सुरिंदरपाल चिडिय़ा से 40 लाख, दविंदर कुमार उर्फ काला से 30 लाख, हेड कांस्टेबल अमरीक सिंह से 30 लाख, मुहम्मद शकील से 20 लाख, गुरप्रीत सिंह से डेढ़ लाख, एएसआइ जोगिंदर सिंह से 1.10 करोड़, एएसआइ राजप्रीत सिंह से एक करोड़, अमनदीप सिंह कंबोज से 2.87 लाख, गुरविंदर उर्फ गैरी से तीन लाख, एएसआई दिलबाग सिंह से कैश को खन्ना से पटियाला ले जाने के लिए इस्तेमाल स्विफ्ट कार समेत पकड़ा गया। 14 जून को एसआइटी ने मोहाली की एडिशनल सेशन जज मोनिका गोयल की अदालत में 11 आरोपितों के खिलाफ चालान पेश कर दिया था। इसके बाद दो अन्य आरोपितों गुरविंदर सिंह उर्फ गैरी व अमनदीप सिंह के खिलाफ सप्लीमेंट्री चालान पेश किया गया। आरोपित गुरप्रीत सिंह को मोहाली की अदालत ने जमानत दे दी, जबकि मुहम्मद शकील, गुरविंदर गैरी, अमनदीप व दविंदर काला को हाईकोर्ट की जमानत हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली।

Posted By: Pankaj Dwivedi

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