यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जालंधर में आवारा कुत्तों का आतंक बरकरार, संख्या पहुंची 60 हजार के पार, रोजाना 33 लोगों को काट रहे
जालंधर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आवारा कुत्ते रोजाना औसतन 33 के करीब लोगों को ...और पढ़ें

जालंधर, जेएनएन। रोजाना औसतन 33 लोगों को काट रहे आवारा कुत्तों से फिलहाल शहर को राहत मिलने वाली नहीं है क्योंकि निगम की टीम के अनुमान से ढाई गुणा ज्यादा यानि करीब 60 हजार कुत्ते शहर में हैं। उसी कारण निगम की नवगठित स्ट्रे एनिमल कंट्रोल एडहाक कमेटी की पहली मीटिंग में फैसला लिया गया कि डाग के स्टरलाइजेशन यानि नलबंदी में तेजी लाने के लिए एक नए सेंटर की स्थापना की जाएगी। कुत्तों की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण पहले लाकडाउन और फिर ठेका खत्म होने के बाद चार महीने तक डाग्स के आपरेशन बंद होना है।
एडहाक कमेटी के गठन के बाद पहली मीटिंग में चेयरमैन गुरविंदर सिंह बंटी नीलकंठ ने प्रोजेक्ट का रिव्यू किया है। जनवरी और फरवरी में सिर्फ 247 कुत्तों के आपरेशन किए गए हैं। साल 2018 से साल 2020 के बीच कांट्रैक्टर डा. सिमरनजीत ने 19084 कुत्तों के आपरेशन किए। बंटी नीलकंठ ने आपरेशन की स्लो स्पीड पर नाराजगी जताई है और इसे तेज करने के निर्देश दिए हैं। 2018 में डाग कंपाउंड प्रोजेक्ट शुरू होने के समय अनुमान था कि शहर में 25 हजार के करीब डाग्स होंगे लेकिन अब यह अनुमान गड़बड़ा गया है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में 60 हजार आवारा स्ट्रीट डाग्स हैं। इनमें से 70 प्रतिशत के डाग्स आपरेशन किए जाने हैं। इसमें अभी लंबा समय लग सकता है।
एक और सेंटर की संभावना तलाशी जानी चाहिए
स्टरलाइजेशन में तेजी लाने के निर्देश पर कांट्रैक्टर डा. सिमरनजीत ने कहा है कि अभी 15 आपरेशन रोजाना हो रहे हैं। अगर तेजी लानी है तो नंगलशामा डाग कंपाउंड में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना होगा। बंटी नीलकंठ ने कहा है कि एक और सेंटर स्थापित करने की संभावना तलाश जाए। चेयरमैन बंटी ने कहा कि नगर निगम के पास काफी जगह जमीन है और शहर में डाग्स से जुड़ी कई एनजीओ हैं। उनके साथ मिलकर एक और डाग कंपाउंड बनाया जा सकता है। इससे पहले मेयर जगदीश राजा ने नवगठित स्ट्रे एनिमल कंट्रोल एडहाक कमेटी के नए चेयरमैन गुरविंदर सिंह को मेयर जगदीश राजा ने कमेटी का चार्ज दिलाया।
बेसहारा पशुओं से मिलेगी निजात, 2400 गोशाला भेजे
नगर निगम की हेल्थ टीम ने एडहाक कमेटी को बताया कि अब तक 2400 पशुओं को सड़कों से उठाकर गोशाला भेजा गया है। करीब 1950 बेसाहरा पशु फरीदकोट की गोशाला भेजा गया है जबकि 350 शाहकोट की कन्याकलां गोशाला भेजा गया है। चेयरमैन ने बताया कि निगम के पास 4 मुलाजिमों की टीम है जो लिफ्ट वाली गाड़ी की मदद से पशु उठाती है और गोशाला छोड़ कर आती है। बंटी नीलकंठ ने कहा कि शहर से काफी गिनती में पशुओं को गोशाला भेजा है। इसमें और तेजी लाएंगे। खासकर मंडियों के इलाकों में टीम को एक्टिव करेंगे क्योंकि वहां पशु ज्यादा हैं।
हर महीने आ रहे डाग बाइट के करीब 1000 केस
निगम की हद में रोज 33 डाग बाइट के आ रहे हैं। सिविल के रिकार्ड के मुताबिक रोज 900 से 1000 लोग इलाज करवाते हैं। हालांकि आंकड़ा इससे ज्यादा हो सकता है क्योंकि कई लोग रिकार्ड में नहीं आते। इसी साल जनवरी में 1141 केस आए थे।
डाग बाइट के चर्चित केस
-सितंबर 2019 में भाजपा नेता सुदेश चड्ढा के डेढ़ साल के बेटे को कुत्ते ने नोच लिया था और उसका होंठ चबा गया था। बच्चा तब मां की गोद में था।
-दो महीने पहले दकोहा एरिया में 12 साल की लड़की को तीन कुत्तों ने हमला करके नोच दिया था। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
ठेकेदार को भुगतान नहीं
स्टरलाइजेशन का ठेका लेने वाले ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया। 80 लाख बकाया है। इससे भी काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार ने कई बार भुगतान के लिए कहा है लेकिन निगम जांच में ही अटका है।
