सत्येन ओझा, जालंधर

साल 2009-2014 की अवधि में राज्य के लगभग 2300 केबल ऑपरेटरों से सर्विस टैक्स वसूली स्थगित कर दी गई है। हाईकोर्ट में विभागीय फैसले के खिलाफ लुधियाना के छह ऑपरेटरों की चुनौती याचिका पर 3 फरवरी को नोटिस जारी होने के बाद चीफ कमिश्नर सर्विस टैक्स केजे चौधरी ने 7 फरवरी को ये आदेश जारी किए। विभाग ने इसी साल 31 जनवरी को लगभग 1200 केस डिसाइड कर केबल ऑपरेटरों को वसूली के नोटिस जारी कर दिए थे। अब इस मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 27 मार्च को होनी है।

जालंधर के ऑपरेटरों ने दायर की है अवमानना याचिका

राज्य के केबल ऑपरेटरों पर पहली बार 2014 में सर्विस टैक्स लगाया गया था। उस समय कर विभाग की ओर से सभी ऑपरेटरों को नोटिस जारी कर साल 2009 से 2014 तक का सर्विस टैक्स देने के निर्देश दिए थे। प्रति केबल ऑपरेटर कई लाख रुपये टैक्स बना था। जालंधर केबल ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि वे फ्रेंचाइजी के रूप में काम कर रहे हैं, ऐसे में टैक्स की परिधि में नहीं आते हैं। हाईकोर्ट ने याचिका मंजूर करते हुए चार जून, 2015 को स्पीकिंग ऑर्डर पास कर तीन सप्ताह में केस निपटाने के निर्देश विभाग को दिए थे। विभाग ने छह महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की तो एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में विभाग के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की जिस पर दो मार्च, 2017 को जवाब मांगा गया है।

कोर्ट से इंसाफ की उम्मीद

जालंधर केबल ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कंवलजीत सिंह का कहना है कि केबल ऑपरेटर 2014 से नियमित रूप से टैक्स दे रहे हैं। इससे पहले की अवधि का टैक्स नियमानुसार नहीं बनता है। उन्हें अदालत से इंसाफ मिलने का पूरा भरोसा है।

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