जेएनएन, जालंधर। पंजाब एकता पार्टी सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा है कि राजनीतिक दल जो भी चुनावी वादे कर रहे हैं उन्हें एफिडेविट का रूप दिया जाना चाहिए। स्थानीय होटल में प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि चुनाव मेनिफेस्टो को कानूनी दस्तावेज बनाया जाए ताकि राजनीतिक दल चुनाव के बाद किए वादों को भूल जाए तो कानूनी कार्रवाई हो सके। पार्टी के किसान विंग के नेताओं से मीटिंग के बाद खैहरा ने कहा कि पंजाब सरकार किसान विरोधी साबित हुई है। गन्ना उत्पादकों को शूगर मिलों से बकाया नहीं मिल रहा। किसान शूगर मिलों के आगे धरना दे रहे हैं। किसानों से धक्का इसलिए हो रहा है क्योंकि ज्यादातर प्राइवेट शूगर मिल कांग्रेस और अकाली नेताओं की हैं।

बेरोजगारी और नशा मुख्य मुद्दा

खैहरा ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी, नशा मुख्य मुद्दा है। अब कांग्रेस सरकार और पहले अकाली सरकार इन मुददों पर फेल रही है। आम आदमी पार्टी विपक्ष की भूमिका निभाने में असफल रही है। खडूर साहिब लोकसभा सीट से परमजीत कौर खालड़ा को शिरोमणि अकाली दल टकसाली से समर्थन की अपील की है। इस पर अभी बातचीत जारी है। खैहरा ने किसान ङ्क्षवग और पॉलीटिकल कमेटी के साथ मीटिंग में चुनाव की रणनीति तय की। तीन लोकसभा सीटों के लिए कोआर्डीनेटर भी तैनात कर दिए गए हैं।

भारत भूषण आशु के मामले में हाईकोर्ट जाएंगे

खैहरा ने कहा कि लुधियाना के ग्रैंड मैनर होम्स में गड़बडी और दबाव बनाने के मामले में जांच रिपोर्ट में दोषी ठहराए कैबिनेट मंत्री आशु के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। खैहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आशु के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है जबकि उनका नाम जांच रिपोर्ट में आया है। उन्होंने एक बार फिर बहिबला कलां गोलीकांड की जांच के लिए बनाई एसआइटी और एडवोकेट जनरल पर सवाल खड़े किए हैं।

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Posted By: Sat Paul

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