जेएनएन, जालंधर। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने जालंधर में गुटों में बंटे पार्टी नेताओं को जोड़ने का प्रयास किया है। सुखबीर शुक्रवार को शहर में थे। उन्होंने सुबह पार्टी के कई नेताओं से मीटिंग की और आपस में तालमेल करने को कहा। मीटिंग में सबसे चर्चित मुद्दा पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ और एसजीपीसी सदस्य परमजीत सिंह रायपुर के बीच चल रहे जमीन विवाद का रहा। इस विवाद को निपटाने के लिए सुखबीर ने कमेटी बना दी हैं।

सुखबीर ने शुक्रवार सुबह सरबजीत सिंह मक्कड़ और परमजीत सिंह रायपुर को बुलाया और कहा कि डॉ. दलजीत सिंह चीमा और विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला इस मामले को निपटाएंगे। उन्हें सभी कागज दिए जाएं। यह जमीन विवाद कूल रोड पर एक प्लॉट को लेकर है।

रायपुर का आरोप है कि सरबजीत ने सुखबीर बादल के आदेश पर किए गए समझौते को तोड़कर प्लॉट के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया है। रायपुर कूल रोड के इस बेशकीमती प्लॉट का मामला बार-बार पार्टी के सामने उठाते रहे हैं। साल 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान जब सरबजीत सिंह मक्कड़ को कैंट हलके से टिकट मिली तो रायपुर समेत कई नेताओं ने विरोध किया था। तब पार्टी नेताओं ने इस जमीन विवाद को सुलझाया था और कब्जा रायपुर को मिल गया था लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जमीन पर दोबारा कब्जा मक्कड़ परिवार का हो गया है।

विवादों से प्रभावित हो रहा अटवाल का अभियान

विधायक मक्कड़ और शहर के कई नेताओं के बीच चल रहे विवाद से लोकसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार चरणजीत सिंह अटवाल का अभियान प्रभावित हो रहा है। कई नेता इस अभियान से दूर हैं। खासकर एसजीपीसी मेंबर परमजीत सिंह रायपुर ने कैंट हलके से दूरी बनाई हुई है। कैंट हलके के इंचार्ज पूर्व विधायक सर्वजीत सिंह मक्कड़ हैं। जिनका कुलवंत सिंह मन्नण, कमलजीत सिंह भाटिया, बलजीत सिंह नीलामहल, डॉ अमरजीत थिंद, एचएस वालिया से विवाद हो चुका है।

बंद कमरे में मक्कड़ और कोहाड़ को सुखबीर की सीख

शुक्रवार सुबह सुखबीर ने मक्कड़ और स्वर्गीय अजीत सिंह कोहाड़ के पोते विचित्र सिंह कोहाड से मीटिंग की। बताया जा रहा है कि दोनों को अकाली दल के प्रधान ने सीख दी है कि वह पार्टी में गुटबाजी न करें और नए आ रहे लोगों को साथ लेकर चलें। मामले में सुखबीर ने दो टूक कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए साथियों की जरूरत है और उन्हें खराब ना किया जाए। मक्कड़ का आम आदमी पार्टी से अकाली दल में आए एचएस वालिया से 36 का आंकड़ा है और वह सार्वजनिक रूप से इस पर कई बार विवाद में फंस चुके हैं। ऐसे ही शाहकोट हलके से आम आदमी पार्टी की टिकट पर लड़ने वाले डॉ अमरजीत थिंद के अकाली दल में शामिल होने के बाद से कोहाड़ परिवार के साथ तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं। अमरजीत सिंह और एचएस वालिया आप के उम्मीदवार के रूप में बड़ी गिनती में वोट लेने में सफल रहे थे। इसलिए इन दोनों ही हलकों में यह टिकट के दावेदार बने हुए हैं। जिस कारण मक्कड़ और कोहाड़ से विवाद बना हुआ है।

जत्थेदार प्रीतम सिंह को पार्टी का वाइस प्रेसिडेंट बनाया

लोकसभा चुनाव से पहले नाराजगी दूर करते हुए सुखबीर ने जत्थेदार प्रीतम सिंह मिट्ठू बस्ती को पार्टी में वाइस प्रेसिडेंट की पोस्ट दी है। प्रीतम सिंह भी पार्टी से नाराज चल रहे थे। उन्हें पार्टी में एडजस्ट नहीं किया गया था। वह जिस इलाके का प्रतिनिधित्व करते हैं वहां पर एक बड़ा वोट बैंक अकाली दल से जुड़ा है।

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