अंकित शर्मा, जालंधर : अब देश के विद्यार्थी अंग्रेजी, हिदी, पंजाबी व अपनी क्षेत्रीय भाषाएं ही नहीं दूसरे राज्यों की भाषाएं भी सीखेंगे। सीबीएसई की तरफ से विद्यार्थियों में सभी भाषाओं के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए ही भाषा संगम सेलिब्रेशन का आयोजन किया जा रहा है। यह 21 दिसंबर तक चलेगा। इसके जरिए विद्यार्थियों की देश की संस्कृति, जातीय और भाषाओं का ज्ञान दिलाकर उनमें आत्मविश्वास को बढ़ाना है।

यह सेलिब्रेशन भारतीय संविधान की अनुसूची-आठ के तहत सभी 22 भाषाओं के सरल संवादों के जरिए रुचि को बढ़ाना है। इससे विद्यार्थियों में भी नई भाषा और शब्द सीखने की जिज्ञासा पैदा होगी। इसके तहत विद्यार्थियों को स्कूलों की तरफ से पांच-पांच सरल शब्द दिए जाएंगे। उन्हीं शब्दों को दूसरी भाषाओं में क्या कहते हैं यह जानना विद्यार्थियों को होगा। इसके तहत ही उनके डायलाग तैयार करने, बोलने की शैली में सुधार लाने की गतिविधियां की जाएंगी। इस तरह से निरंतर अभ्यास चलाकर विद्यार्थियों को भाषाई ज्ञान दिया जाएगा। बेहतर गतिविधियों वाले स्कूलों का होगा सम्मान

इस सेलिब्रेशन में बेहतर गतिविधियां करने वाले स्कूलों का सम्मान एमएचआरडी के द डिपार्टमेंट आफ स्कूल एजुकेशन एंड लिट्रेसी की तरफ से किया जाएगा। स्कूलों की तरफ से की जाने वाली गतिविधियों की वीडियो बनानी होगी। गतिविधियों को खास अंदाज व बेहतर ढंग से मनाने वालों को वेस्ट स्कूल अवार्ड दिया जाएगा। यह है 22 भाषाएं

भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में भारतीय गणराज्य की 22 अधिकारिक भाषाएं हैं। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, हिदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृति, सिधू, तमिल, तेलगु, उर्दू, बोडो, संथाली, मैथिली और डोगरी भाषा शामिल है। इनमें से पहले 14 भाषाओं को तो संविधान में पहले ही शामिल कर लिया गया था, जबकि सिधी भाषा को 1967, कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली को 1992, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली को 2004 में शामिल किया गया था।

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