जालंधर, जेएनएन। सेंट सोल्जर लॉ कॉलेज की ओर से बचपन बचाओ आंदोलन संस्था के सहयोग से कोविड-19 के दौरान बाल श्रमिकों, उनकी शिक्षा, समस्याएं और उपचार पर एक वेबिनार आयोजित करके वर्ल्ड अगेंस्ट चाइल्ड लेबर मनाया गया। इसकी अध्यक्षता सेंट सोल्जर ग्रुप के चेयरमैन अनिल चोपड़ा ने की। वेबिनार का उद्घाटन पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुलदीप सिंह ने किया। वेबिनार में भाग लेने वाले लॉ छात्रों ने बाल श्रम के उन्मूलन के लिए काम करने का संकल्प लिया।

डीएवी कॉलेज नकोदर के प्रिंसिपल डा. अनूप वत्स, एडवोकेट दविंदर गुप्ता, एडवोकेट योगेश प्रसाद और सोशल एक्टिविस्ट स्वर्ण सिंह रिसोर्सपर्सन रहे। लॉ कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. सुभाष शर्मा ने मॉडरेटर के रूप में कार्य किया और बचपन बचाओ आंदोलन के दिनेश कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। वेबिनार में बड़ी संख्या में लॉ छात्रों, फैकल्टी मेंबर्स और सोशल एक्टिविस्ट शामिल हुए। जस्टिस कुलदीप सिंह ने छात्रों से बाल श्रम को खत्म करने के लिए काम करने का आह्वान किया। डॉ. अनूप वत्स ने कहा कि कि कोविड के दौरान केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की उदासीनता के कारण बाल श्रम स्कूल बंद हैं। स्वर्ण सिंह ने बाल श्रम के विशेष स्कूलों का विवरण दिया जो सरकार की उदासीनता और लापरवाही का शिकार हैं।

एडवोकेट योगेश प्रसाद ने बाल बंधुआ मजदूरी की समस्या पर प्रकाश डाला। दिनेश कुमार ने नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के संगठन बचपन बचाओ आंदोलन का संक्षिप्त विवरण दिया। अनिल चोपड़ा ने अपने कैलाश सत्यार्थी को उनके आंदोलन की प्रशंसा की। 

 

Edited By: Pankaj Dwivedi