जागरण संवाददाता, जालंधर

महानगर में प्रदूषण मुक्त ट्रैफिक को सुनिश्चित करने के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की उपलब्धता को लेकर पैदा हुआ असमंजस अक्टूबर माह गुजर जाने के बावजूद भी बरकरार है। केंद्रीय तेल मंत्रालय की तरफ से जालंधर शहर में सीएनजी उपलब्ध करवाने को अधिकृत जय मधोक कंपनी को अभी भी एडमिनिस्ट्रेटिव प्राइस मैनेजमेंट (एपीएम) के तहत सीएनजी उपलब्ध होने संबंधी मान्यता नहीं मिल पाई है। कंपनी की तरफ से स्थानीय प्रशासन को दी गई 45 दिन की डेडलाइन भी अक्टूबर के पहले हफ्ते में क्रॉस हो चुकी है। कंपनी भविष्य में जालंधर में सीएनजी उपलब्ध करवाती रहेगी अथवा अपने एग्रीमेंट को खत्म करेगी, इसे लेकर भी कंपनी के आला अधिकारी ही स्पष्ट नहीं हैं। मौजूदा समय में कंपनी की तरफ से मंडी गोविदगढ़ से खुले बाजार में से सीएनजी खरीदकर जालंधर के पठानकोट स्थित एकमात्र सीएनजी पंप पर मुहैया करवाई जा रही है। कंपनी के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस अधिकारी जयंत मलिक ने बताया कि उनके पास यही सूचना थी कि सितंबर माह के अंत तक कंपनी को एपीएम मिल जाएगा, लेकिन अभी तक तो ऐसा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वह इसे लेकर कंपनी मुख्यालय से दोबारा संपर्क साध रहे हैं और फिलहाल तो सीएनजी उपलब्ध करवाई जाती रहेगी।

काबिले जिक्र है कि कंपनी को एपीएम न मिले होने के चलते निजी बाजार से महंगे मूल्य पर सीएनजी खरीदकर उपलब्ध करवाई जा रही है। बीते 2 वर्ष में करोड़ों रुपये का नुकसान होने के बाद कंपनी ने अब सीएनजी उपलब्धता रद्द करने संबंधी रखने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम भी दे दिया था। सीएनजी वाहनों की बिक्री घटी

हालात यह हैं कि सीएनजी उपलब्ध न हो पाने के चलते जालंधर में सीएनजी वाहनों की बिक्री लगभग न के बराबर ही है। शहर में 1500 से ज्यादा के लगभग थ्री व्हीलर सीएनजी चालित थे, लेकिन सीएनजी महंगी मूल्य पर उपलब्ध होने के चलते अब कई थ्री व्हीलर चालक डीजल चालित थ्री व्हीलर चला रहे हैं। सीएनजी थ्री व्हीलर यूनियन के अनिल ठाकुर ने कहा कि सीएनजी की किल्लत के चलते कई परिवारों की रोटी बंद होने की कगार पर जा पहुंची है। इस कारण कई थ्री व्हीलर चालकों ने डीजल चालित थ्री व्हीलर ही चलाने को अधिमान दिया है।

Posted By: Jagran

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