जागरण संवाददाता, अमृतसर। अमृतसर में एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जगीर कौर ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मध्यप्रदेश में सिख धर्म के प्रचार व प्रसार के लिए सिख मिशन स्थापित करेगी। यह मिशन गुरुद्वारा गुरु नानक घाट उज्जैन में स्थापित किया जाएगा। बीबी जगीर कौर मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ केंद्रीय गुरुद्वारा सिंह सभा के अध्यक्ष रहे गुरदीप सिंह भाटिया की याद में आयोजित किए गए कार्यक्रम में इंदौर पहुंची थीं। वहां बीबी जगीर कौर संगत को संबोधित कर रही थी। वहां उन्होंने गुरुद्वारा गुरुनानक घाट के कार्यों की भी जानकारी संगत से हासिल की।

जगीर कौर ने विचार सांझा करते हुए कहा कि उज्जैन में प्रचार के लिए सिख मिशन स्थापित करना जरूरी है। इस मिशन के माध्य से क्षेत्र में धर्म प्रचार के लिए प्रचार जत्थे भेजे जाएंगे। इस दौरान वहां के सिख नेताओं सुरिंदर सिंह, हरपाल सिंह आदि ने इलाके के आसपास में सिख धर्म के प्रचार के लिए की जा रही गतिविधियों के संबंध में जानकारी प्रदान की। उज्जैन की संगत ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर एसजीपीसी की ओर से 21 नवंबर को करवाए जा रहे कार्यक्रम में भी बढ़ी संख्या में शामिल होने का आश्वासन दिया है। इस अवसर पर एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल, जरनैल सिंह, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के बीबी रणजीत कौर, डा. अमरीक सिंह आदि भी मौजूद थे।

मर्यादा के अनुसार पावन स्वरूपों का पिंट्र जरूरी

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अलग-अलग देशों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को प्रकाशित करने के लिए फैसले पर कदम बढ़ा दिया है। इसे लागू करने के लिए एसजीपीसी का एक प्रतिनिधिमंडल कनाडा पहुंच गया है। उसकी ओर से अलग-अलग गुरुद्वारों के प्रबंधकों के साथ बैठकें की जा रही हैं। दरअसल, एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जगीर कौर की अगुआई में हुई कार्यकारिणी कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया था कि संगत की सुविधा को मुख्य रखकर कनाडा, अमेरिका व आस्ट्रेलिया आदि स्थानों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाशन शुरू किया जाए। एसजीपीसी इन स्थानों पर खुद स्वरूपों को प्रकाशित करेगी। जगीर कौर ने यह भी एलान किया था कि अलग-अलग देशों में एसजीपीसी की ओर से पिंट्रिंग प्रेस भी स्थापित की जाएगी। वहां से साथ लगते देशों में स्वरूप सड़क मार्ग से पहुंचाए जाएंगे।

Edited By: Vinay Kumar