अमृतसर [नवीन राजपूत]। पाकिस्तान से Drone के जरिए हथियार व हेरोइन मंगवाने और सैन्य ठिकानों की जासूसी के मामले में अमृतसर देहाती पुलिस ने सोमवार रात जम्मू स्थित शक्ति नगर से सर्वोदय राकेश बाहरी नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों को इस मामले में आतंकी मॉड्यूल की आशंका है।

दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर से रविवार रात पकड़े गए रिषभ ने पूछताछ में सर्वोदय का नाम लिया था। पुलिस ने तुरंत जम्मू पहुंचकर घर के नजदीक से उसे पकड़ लिया। उसका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं सर्वोदय आतंकी संगठनों के लिए काम तो नहीं कर रहा। गाजियाबाद के मुरादनगर के रहने वाले रिषभ अरोड़ा ने पूछताछ में बताया कि Drone की खरीद-फरोख्त में सर्वोदय का भी हाथ है।

सोमवार देर रात खुफिया एजेंसियों के अधिकारी रिषभ व सर्वोदय से पूछताछ के लिए अमृतसर पहुंच चुके हैं। उधर, अदालत ने मामले की गंभीरता देखते हुए रिषभ को 22 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों से दर्जनभर गिरफ्तारियां और हो सकती हैं।

Drone रिपेयर का काम करता है रिषभ

रिषभ अरोड़ा गाजियाबाद में ही Drone रिपेयर का काम करता है। कुछ समय पहले उसकी सर्वोदय से मुलाकात हुई थी। सर्वोदय जम्मू में Drone की खरीद-फरोख्त का कारोबार कर रहा है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि तस्करी मामले में बरामद Drone कितने पुराने हैं और कितना वजन उठाने में सक्षम हैं।

पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे

Drone खरीद मामले में पहली गिरफ्तारी 8 जनवरी को हुई थी। घरिंडा थाने की पुलिस इस मामले में सेना के जवान व अंबाला कैंट निवासी राहुल चौहान, भारत-पाक सीमा पर बसे धनोआ खुर्द गांव के धर्मेंद्र, गाजियाबाद के रिषभ अरोड़ा, फताहपुर जेल में बंद बलकार सिंह, लखविंदर सिंह, स्वर्ण सिंह और जम्मू के सर्वोदय को गिरफ्तार कर चुकी है। परमजीत सिंह और सेना के जवान के भाई रोहित चौहान को काबू करना बाकी है। जेल में रहते हुए तीन कैदी मोबाइल से पाकिस्तानी तस्करों, पाक की खुफिया एजेंसी ISI व भारतीय तस्करों के संपर्क में थे।

ये हैं DGCA के नियम

  • अगर Drone खरीदते या उड़ाते समय DGCA (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) के नियम नहीं मानता तो इसे अवैध माना जाएगा।
  • Drone खरीदते समय खरीदार का यूआइएन नंबर एविएशन विभाग के पास दर्ज करवाना जरूरी है, ताकि Drone उड़ाने वाले के बारे में आसानी से पता लगाकर उससे संपर्क किया जा सके।
  • Drone रखने वाले के पास एविएशन विभाग का परमिट होना चाहिए।
  • जिस इलाके में Drone उड़ाया जाने वाला हो, वहां की पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
  • स्वीकृति के बिना किसी के घर या रैली में Drone नहीं उड़ाया जा सकता।
  • Drone उड़ाते समय वह आंखों से ओझल नहीं होना चाहिए।
  • अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में Drone नहीं उड़ाया जा सकता।
  • सैन्य ठिकानों, एयरपोर्ट और हैलीपैड के आसपास भी Drone उड़ाना गैरकानूनी है। 

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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