जागरण संवाददाता, जालंधर : जिला परिषद के बैनर तले देहाती डिस्पेंसरी में सेवाएं मुहैया करवा रहे रूरल मेडिकल अफसरों (आरएमओ) ने मांगे न पूरी होने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को डाक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटियां दी। मांगे न पूरी होने पर 26 अप्रैल से तमाम कोरोना ड्यूटियों का बायकाट करने की चेतावनी दी है। इस मामले को लेकर फेडरेशन आफ एसोसिएशन आफ रूरल मेडिकल आफिसर्ज आफ पंजाब ने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को ज्ञापन भी दिया है।

जालंधर इकाई के प्रधान डा. रोहित शर्मा की अगुवाई में डाक्टरों ने सिविल अस्पताल में प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बताया कि अब डाक्टर रोजाना काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करेंगे। रविवार तक मांगे पूरी न की तो सोमवार से कोरोना ड्यूटियों का बायकाट किया जाएगा। फेडरेशन के प्रदेश प्रधान डा. जेपी नरूला ने बताया कि जिला परिषद के बैनर तले राज्य में 1186 ग्रामीण डिस्पेंसरियों में ठेके पर सेवाएं शुरू की थी। 2011 में राज्य सरकार ने उनकी सेवाएं रेगुलर कर दी थी। 2015 में डायनामिक एश्योरडस कैरियर प्रोग्रेशन स्कीम (डीएसीपी) के लिए योग्य हो गए। पिछले छह साल से डाक्टर इस मांग को लेकर विभाग के आला अधिकारियों व मंत्री से गुहार लगा चुके है। सभी ने आश्वासन दिया परंतु नतीजे शून्य रहे।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप