जेएनएन, जालंधर। Coronavirus COVID-19 का प्रसार रोकने के लिए पंजाब में 23 मार्च को लगे कर्फ्यू के बाद से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने भी मोर्चा संभाल रखा है। संघ के स्वयंसेवक जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने के साथ ही मास्क, सैनिटाइजर व ग्लब्स भी बांट रहे हैैं। संघ के प्रांत प्रचारक प्रमोद के मुताबिक अब तक 35 हजार से ज्यादा परिवारों को राशन किट पहुंचाए जा चुके हैैं। इस काम में संघ के आनुषांगिक संगठन सेवा भारती, भारत विकास परिषद, बजरंग दल आदि भी सहयोग कर रहे हैैं।

प्रमोद के मुताबिक राज्य में कर्फ्यू लगने के बाद श्रमिक, गरीब और झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैैं। RSS का ज्यादा फोकस ऐसे ही लोगों तक राशन और जरूरत की अन्य चीजें पहुंचाने पर है। लुधियाना में दस हजार तो अमृतसर में चार हजार, जालंधर व पटियाला में दो-दो हजार से ज्यादा परिवारों तक राशन किट पहुंचाई जा चुकी है। इसी तरह अन्य जिलों में राशन सामग्री दी गई है। नवांशहर में छह सौ से ज्यादा बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था भी की गई है। गरीब परिवारों को रसोई गैस के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। ढाई हजार मास्क और छह सौ ग्लब्स भी बांटे जा चुके हैैं।

संघ की ओर से शहरों में स्लम एरिया के साथ ही प्रदेश के करीब 95 गांवों में सैनिटाइजर का स्प्रे करवाया जा चुका है। शारीरिक दूरी बनाए रखने के लिए संघ के स्वयंसेवक बैंक, डेयरी, दवाइयों व करियाना दुकानों के बाहर चूने से घेरा भी बना रहे हैं। प्रांत प्रचारक प्रमोद ने बताया कि RSS ने प्रदेश भर में अपने सभी केंद्रों को कलेक्शन सेंटरों में तब्दील कर दिया है। जो लोग सूखा राशन पका नहीं सकते उन्हें पका भोजन मुहैया करवाया जा रहा है। इस दौरान शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश के 416 कलेक्शन सेंटरों पर 3500 स्वयंसेवक कार्य संभाले हुए हैैं। इन सेंटरों पर बहुत से दानी सच्जन आ रहे हैं और अपनी क्षमता के अनुरूप राशन इत्यादि दे रहे हैैं।

प्रमोद के मुताबिक पहले के मुकाबले अब राशन की मांग घटी है। फिर भी स्वयंसेवक बस्तियों में जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन तक राशन पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा जहां से भी मदद के लिए सूचना आती है वहां स्वयंसेवक पहुंच जाते हैैं। प्रदेश में कर्फ्यू तीन मई तक बढ़ गया है। जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते तब तक लोगों की मदद जारी रहेगी।

किट में होते हैैं ये सामान

एक किट में दस किलो आटा, पांच किलो चावल, चायपत्ती, चीनी, दो लीटर सरसों का तेल, दो किलो चीनी और डेढ़ किलो दाल के साथ नमक व हल्दी भी होती है।

घरों में तैयार करवा रहे मास्क

मास्क घरों में तैयार करवाकर लोगों में बांटा जाता है। बठिंडा के नगर कार्यवाह एडवोकेट विकास शर्मा ने बताया कि पहले हर गरीब बस्ती में राशन बांटा जा रहा था, लेकिन अब मांग के अनुसार पहुंचाया जा रहा है। एक बार में एक सप्ताह का राशन दिया जाता है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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