जागरण संवाददाता, जालंधर। मंडी में सब्जी विक्रेता से यह पूछते ही कि हरी धनिया कैसे दी, वह तपाक से बोलता है 150 रुपए किलो। ग्राहक सुनकर हैरान रह जाते हैं। हरी धनिया दामों में आया यह उछाल भोजन के साथ चटनी के शौकीन लोगों को बहुत अखर रहा है। सब्जी के साथ दुकानदारों द्वारा हरा धनियां फ्री में दिया जाता था। वहीं इन दिनों रिटेल में इसके डेढ़ सौ रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। जालंधर में अब यह धनियां सब्जी की छोटी दुकानों से तो गायब ही हो गया है। यही स्थिति होटल तथा रेस्टोरेंट की भी है। अब यहां पर सब्जी की महक बढ़ाने के लिए धनियां का इस्त्तेमाल या तो सीमित मात्रा में किया जा रहा है, या फिर धनिया की जगह पर धनिया का सेंस डाला जा रहा है। दरअसल, हर प्रकार की सब्जी या पर दाल तैयार करने के बाद इसकी पौष्टिकता तथा महक बढ़ाने के लिए इस पर हरे रंग के धनियां का छिड़काव किया जाता है। वर्ष भर सबसे कम दाम का होने के चलते सब्जी वाले खरीदार को इसकी कुछ पत्तियां फ्री में ही देते हैं। लेकिन मानसून का सीजन शुरू होते ही हरे धनिया के दाम आसमान छूने लगे हैं। कारोबारियों की मानें तो आने वाले एक माह तक हरे धनिए के धाम यथावत रहेंगे।

अभी और होगी दामों में बढ़ोतरी

जुलाई के मध्य तक हरे धनिया के दाम 80 रुपए प्रति किलो चल रहे थे, जिसमें रोजाना इजाफे के बाद इन दिनों डेढ़ सौ रुपए तक पहुंच चुके हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक इसके दाम 200 से 250 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं।

प्रभावित हुई फसल तो मार्केट में हुई कमी

मानसून के चलते हरा धनिया की फसल प्रभावित हुई है। यहीं कारण रहा कि मंडी में भी इन दिनों धनियां की आमद बहुत कम हो रही है। इस बारे में सब्जी के थोक कारोबारी जसपाल सिंह बताते हैं कि बरसाती मौसम के कारण हरा धनियां की आमद तीसरा हिस्सा रह गई है। जबकि होटल इंडस्ट्री में इसकी मांग यथावत है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दामों में और भी इजाफा हो सकता है।

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Edited By: Vinay Kumar