जागरण संवाददाता, जालंधर : दो दिन से बरसात बंद होने के बावजूद भी इकहरी पुली में जलभराव की समस्या खत्म नहीं हो रही है। नगर निगम ने किशनपुरा के डिस्पोजल को ज्यादा समय चला कर पानी की निकासी की कोशिश की, लेकिन इसमें अभी सफलता नहीं मिल पाई। सीवरेज लाइन पर पानी का प्रेशर इतना ज्यादा है कि नगर निगम को नए विकल्प तलाशने होंगे। इसके लिए आसपास के इलाकों के ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई कम की जा सकती है। वहीं समस्या का हल न होता देख इलाके के निवासियों, दुकानदारों, कारोबारियों की सहन शक्ति जवाब दे रही है। लोग अब नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से सीधी लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि अगर इस समस्या का समाधान न हुआ तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। चुनावों से पहले इकहरी पुली की समस्या के राजनीतिक रंगत लेने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसे लेकर इलाका पार्षद, विधायक भी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। इलाके के लोगों ने कहा कि धरना उनके लिए अब मजबूरी बन रहा है। लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा

जनरल स्टोर मालिक राजेश कुमार का कहना है कि इकहरी पुरी में जलभराव के कारण काम का नुकसान हुआ है। इस तरफ से लोगों की आवाजाही कम हो गई है जिससे ग्राहकों की कमी होने से बिक्री में नुकसान उठाना पड़ रहा है। नगर निगम इस समस्या का जल्द समाधान करें क्योंकि यह लोगों के रोजगार पर असर डाल रही है।

25 साल में नहीं मिला समस्या का समाधान

लकड़ी के कारीगर बाबा का कहना है कि यह समस्या देखते करीब 25 साल हो गए हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं मिल रहा। इसका अब तकनीकी हल जरूरी है, क्योंकि सीवरेज लाइन पर दबाव ज्यादा है और पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। यहां से पानी किसी और जगह डिस्पोजल के जरिए भेजने की जरूरत है।

मक्खी-मच्छर से लोग बीमार हो रहे

प्रीतम ने कहा कि सीवरेज समस्या के कारण मच्छर और मक्खी पनप रहे हैं, लोगों के पास तो पहले ही काम नहीं है अब बीमार होने से और परेशानी झेलनी पड़ रही है। अगर इकहरी पुली के पार जाना है तो लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और इसमें समय की बर्बादी होती है। लोग कई बार यहां पर गिरकर घायल भी हो चुके हैं। धरना देना लोगों की मजबूरी बन जाएगा

दुकानदार बब्बी ने कहा कि अब समस्या के समाधान के लिए लोगों को एकजुट होना पड़ेगा। जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे और धरना देंगे। उन्होंने कहा कि छोटे से काम के लिए लोगों को इतनी ज्यादा परेशान उठानी पड़ रही है। लोगों के कामकाज ठप हो गए हैं और कई बीमार हो रहे हैं लेकिन नगर निगम पर इसका कोई असर नहीं हो रहा।

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