जागरण संवाददाता, जालंधर। भारतीय रेलवे के गार्ड ट्रेन मैनेजर के तौर पर जाने जाएंगे। रेलवे बोर्ड की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। रेलवे बोर्ड की तरफ से जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक मौजूदा समय के असिस्टेंट गार्ड का पद असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर, गुड्स गार्ड का पद गुड्स ट्रेन मैनेजर, सीनियर गुड्स गार्ड का पद सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर, सीनियर पैसेंजर गार्ड का पद सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर एवं मेल/एक्सप्रेस गार्ड अब मेल एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर के तौर पर जाने जाएंगे।

अखिल भारतीय गार्ड परिषद की मांग चल रही थी कि उनका पदनाम बदलकर गार्ड से ट्रेन मैनेजर किया जाए। उनकी मांगों को मानते हुए रेलवे बोर्ड 13 जनवरी को पत्र जारी कर उनका पदनाम बदलकर गार्ड से ट्रेन मैनेजर कर दिया है। इस बदलाव से गार्डों में खुशी की लहर है। गार्ड काउंसिल के केंद्रीय कार्यकारणी के सदस्य ब्रजेश कुमार और ओबीसी संगठन फिरोजपुर के मंडल सचिव ने बताया कि उत्तर रेलवे के कार्यलय से भी इस संदर्भ में पत्र जारी हो गया है और गार्ड काउंसिल अपनी मांग माने जाने पर बहुत खुश है और अपनी अन्य मांग जैसे एमएसीपी, आरंभिक ग्रेड 4200 व खाली पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग पर संघर्ष करती रहेगी।

प्रापर्टी की रजिस्ट्री कराने वालों के सोमवार को कलमबद्ध होंगे बयान

जागरण संवाददाता, जालंधर : प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाते समय नाम बदलकर रसीद तैयार करने के मामले की जांच में रजिस्ट्री करवाने वालों के बयान सोमवार को कलमबद्ध किए जाएंगे। कारण, शुक्रवार को रजिस्ट्री करवाने वाली दोनों पार्टियां ही नहीं पहुंची। रजिस्ट्री के दस्तावेज तैयार करने वाले वसीका नवीस की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। इसके चलते रजिस्ट्री करवाने वाली पार्टियों के बाद वसीका नवीस की भूमिका की जांच की जाएगी। जिला रेवेन्यू अधिकारी से लेकर सब रजिस्ट्रार दो जगसीर सिंह सरां द्वारा जांच जारी है। दरअसल, तहसील कांप्लेक्स स्थित सब-रजिस्ट्रार दो के आफिस में ई-रजिस्ट्रेशन फीस की रसीद से नाम को बदलकर प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवाने की कोशिश की गई थी। इसकी आनलाइन सिस्टम में जांच के बाद मामला सामने आया था।

Edited By: Vinay Kumar