यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Radha Ashtami 2022: जालंधर के श्री राधा माधव मंदिर में हुआ पंचामृत स्नान, संकीर्तन का चला दौर
Radha Ashtami 2022 श्री राधा रानी जी का प्रकट कालीन अभिषेक किया गया। इसमें दूध दही घी शहद शक्कर व ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, जालंधर। चैतन्य महाप्रभु श्री राधा माधव मंदिर प्रताप बाग में राधा अष्टमी महोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान राधा रानी को पंचामृत स्नान करवाया गया। इससे पूर्व संकीर्तन किया गया। इसका आगाज केवल कृष्ण, अमित चड्डा, राजेश शर्मा, मनोज कौशल, पुजारी श्रीनिवास व ऋषिकेश कौशल ने मंगलाचरण तथा गुरु वंदना के साथ किया। इसके बाद श्री राधा नाम संकीर्तन की ध्वनि से सारा वातावरण गुंजायमान हो गया।
केवल कृष्ण ने बताया की राधा जी का प्राकट्य ब्रजमंडल के अंतर्गत रावल ग्राम में हुआ। राधा जी के पिता श्री वृषभानु महाराज एक दिन यमुना जी के किनारे ध्यान में मग्न थे। यमुना जी में एक बहुत बड़ा कमल का फूल बहता हुआ आया और वृषभानु महाराज के पास आकर रुक गया। वृषभानु महाराज ने उस फूल को उठाया और बाहर रखा। जैसे ही कमल का फूल बाहर रखा उसकी पंखुड़ियां खुल गई। बीच में सुंदर सी कन्या प्रकट हुई।
वृषभानु महाराज के कोई संतान नहीं थी। उन्होंने महल में आकर उस कन्या को अपनी पत्नी कीर्तिदा सुंदरी की गोद में रख दिया। त्रिभुवन में उस कन्या के प्रकट होने से आनंद का वातावरण छा गया। इसलिए उस कन्या का नाम राधा हुआ। इस अवसर पर रेवती रमण गुप्ता, कपिल शर्मा, सनी दुआ, करतार सिंह व नीरज कोहली ने संकीर्तन के साथ सभी को आनंदित कर दिया। श्री राधा रानी जी का प्रकट कालीन अभिषेक किया गया। इसमें दूध, दही, घी, शहद, शक्कर व नारियल पानी से पुजारियों ने श्री राधा रानी का अभिषेक किया। राजेश शर्मा ने ‘मन भूल मत जइयो राधा रानी के चरण’ तथा ‘आज तो बधाई बाजे वृषभानु भवन में’ सहित भजन प्रस्तुत किए।

श्री राधा माधव मंदिर प्रताप बाग में भजन सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु।
आरती पूजा के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर नरिदंर गुप्ता, राज कुमार जिंदल, टीएल गुप्ता, डा. अश्वनी मल्होत्रा, डा. प्रिंसी मल्होत्रा, डा वरुण सावल, अजीत तलवार, मिंटू कश्यप, चंद्रमोहन राय, अजय अग्रवाल, राजीव ढींगरा, गगन अरोड़ा, विकास ठुकराल, विजय सग्गड़, संजीव खन्ना, ओम भंडारी, हेमंत थापर, तापस मानव, विजय मक्कड़, कृष्ण गोपाल ,जगन्नाथ, अमरीश, गौर, माधव, नरिदंर कालिया, रविंदर भाखड़ी व अरुण गुप्ता मौजूद थे।
